सोलापुर मंडल डाइविंग
अहमदाबाद में आयोजित 78वीं सीनियर राष्ट्रीय एक्वाटिक चैंपियनशिप 2025 में सोलापुर मंडल डाइविंग खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेल का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में सोलापुर मंडल के गोताखोरों ने कुल 2 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य पदक जीतकर रेलवे को गौरवान्वित किया।
इस जीत का सबसे चमकदार चेहरा रहीं ईशा वाघमोड़े (सीसीटीसी), जिन्होंने महिलाओं की 3 मीटर स्प्रिंगबोर्ड सिंक्रोनाइज़ेशन और प्लेटफ़ॉर्म सिंक्रोनाइज़ेशन डाइविंग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं की 3 मीटर स्प्रिंगबोर्ड और प्लेटफ़ॉर्म डाइविंग में कांस्य पदक भी हासिल किए। ईशा का यह प्रदर्शन न केवल रेलवे के लिए गर्व का विषय है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी शानदार उदाहरण है।
पुरुष वर्ग में भी सोलापुर मंडल के गोताखोरों ने दमदार प्रदर्शन किया। ओम अवस्थी (सीसीटीसी) ने पुरुषों की प्लेटफ़ॉर्म डाइविंग में रजत और प्लेटफ़ॉर्म सिंक्रोनाइज़ेशन डाइविंग में कांस्य पदक जीता। वहीं आदित्य गिरम (टीटीआई) ने पुरुषों की 3 मीटर स्प्रिंगबोर्ड सिंक्रोनाइज़ेशन डाइविंग में रजत और प्लेटफ़ॉर्म सिंक्रोनाइज़ेशन डाइविंग में कांस्य पदक हासिल कर रेलवे का परचम लहराया।
इस सफलता के पीछे एक महत्वपूर्ण नाम है – श्री हरीश अन्नालदास, जो भारतीय रेल डाइविंग टीम के मुख्य कोच रहे। सोलापुर के वरिष्ठ तकनीशियन और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी अन्नालदास ने इन खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देकर उन्हें नेशनल स्तर पर चमकने का अवसर दिया। उनकी कोचिंग ने खिलाड़ियों की तकनीकी और मानसिक मजबूती में अहम योगदान दिया।
सोलापुर मंडल डाइविंग की यह उपलब्धि भारतीय रेल की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है जिसमें रेलवे अपने खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएँ और प्रशिक्षण प्रदान करता है। रेलवे हमेशा से खेल प्रतिभाओं को पोषित करने के लिए विशेष प्रयास करता आया है – चाहे वह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर हो, पेशेवर कोचिंग हो या अभ्यास व प्रतियोगिताओं के लिए लचीला कार्य समय।
सोलापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने सभी विजेता खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षक को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका यह प्रदर्शन रेलवे ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र को गर्व महसूस कराता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन खिलाड़ियों की सफलता से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और भारत का खेल भविष्य और मजबूत होगा।
भी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
खास तौर पर ईशा वाघमोड़े की चार पदकों वाली उपलब्धि आने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी मेहनत और लगन यह साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो भारतीय खिलाड़ी किसी भी स्तर पर चमक सकते हैं।
अहमदाबाद में हुई इस प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सोलापुर मंडल डाइविंग खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर रेलवे के लिए स्वर्णिम अध्याय लिखते रहेंगे।
Editorial

Editorial

Next Story