बिहार एसटीएफ की बड़ी कामयाबी

पटना, 22 अगस्त।
बिहार में अपराध कर दूसरे राज्यों में पनाह लेने वाले अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने सख्त मोर्चा खोल दिया है। इस वर्ष जनवरी से लेकर 20 अगस्त तक बिहार एसटीएफ ने विभिन्न राज्यों से 64 कुख्यात और इनामी अपराधियों को दबोचकर राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है। इस जानकारी को एडीजी (अभियान) सह एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में साझा किया।

सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां दिल्ली और पश्चिम बंगाल से

एडीजी ने बताया कि इन अपराधियों को देशभर के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है। सबसे ज्यादा 14 अपराधी दिल्ली से दबोचे गए हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल से 9, उत्तर प्रदेश और गुजरात से 7-7, झारखंड से 6, हरियाणा से 5, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से 4-4, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से 2-2, जबकि राजस्थान, गोवा, उड़ीसा, उत्तराखंड, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और मणिपुर से 1-1 अपराधी को पकड़ा गया है।


अपराध और नक्सलियों पर बड़ी चोट

एडीजी कुंदन कृष्णन ने बताया कि नक्सली हिंसा में कमी आने के बाद से एसटीएफ को संगठित आपराधिक गिरोहों और अपराधियों के खिलाफ तैनात किया गया है। इसका असर साफ दिख रहा है।

  • पिछले वर्ष 2024 में 752 अपराधी गिरफ्तार हुए थे, जबकि इस वर्ष अब तक 857 अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

  • पिछले वर्ष 44 नक्सली गिरफ्तार हुए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 101 हो गई है।

  • 2024 में जहां 3681 कारतूस बरामद हुए थे, वहीं इस वर्ष अब तक 12,176 कारतूस जब्त किए गए हैं।

  • इसी तरह 2024 में अपराधियों से 19 रेगुलर हथियार मिले थे, जबकि इस वर्ष अब तक 32 रेगुलर हथियार बरामद हो चुके हैं।

इन कुख्यात अपराधियों को किया गया गिरफ्तार

एसटीएफ की विशेष टीम ने हाल के दिनों में कई नामी और इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

  • 18 अगस्त को 2 लाख का इनामी बुटन चौधरी महाराष्ट्र के उदवंतनगर थाना से गिरफ्तार हुआ।

  • 5 अप्रैल को दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर अंतरराज्यीय सोना लुटेरा सुबोध सिंह और 2 लाख का इनामी विकास कुमार उर्फ जॉन राइट को दिल्ली के पहाड़गंज से पकड़ा गया।

  • 28 मार्च को औरंगाबाद का 1 लाख का इनामी नक्सली राजेश यादव महाराष्ट्र के रायगढ़ से गिरफ्तार हुआ।

  • 8 फरवरी को सीवान और गोपालगंज का 50 हजार का इनामी अपराधी मनीष दिल्ली से पकड़ा गया।


ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए जवान

दूसरे राज्यों में चलाए गए ऑपरेशनों में कई पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवाई। गुजरात के सूरत में अपराधी को पकड़ने गए दल के दौरान हुई दुर्घटना में दारोगा मुकुंद मुरारी, जेसी विकास कुमार, जेसी जीवधारी कुमार, दारोगा संतोष कुमार और मिथिलेस पासवान शहीद हो गए।


अवैध हथियार सप्लाई पर भी कार्रवाई

एडीजी कृष्णन ने बताया कि अवैध हथियार और कारतूस की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एनआईए भी जांच कर रही है। हाल ही में हाजीपुर समेत 7 जगहों पर छापेमारी हुई है। साथ ही, अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के प्रस्ताव भी ईओयू को भेजे गए हैं।


"ऑपरेशन लंगड़ा" पर सफाई

प्रेस वार्ता के दौरान एडीजी ने स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय के स्तर से "ऑपरेशन लंगड़ा" नाम का कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के दौरान अगर पुलिस पर फायरिंग होती है, तो जवाबी कार्रवाई की जाती है, लेकिन इसे किसी विशेष नाम से नहीं जोड़ा गया है।

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