मुंबई सेंट्रल स्टेशन
मुंबई। हाल ही में मुंबई सेंट्रल टर्मिनस पर राजस्थान के एक जूलर से मारपीट कर धमकाने और उससे पैसे वसूलने वाले तीन लोगों की पहचान सरकारी रेल पुलिस (जीआरपी) के जवानों के रूप में हुई है। इन्हें निलंबित कर दिया गया है। यह तीनों, सहायक उपनिरीक्षक राठौड़, हेड कांस्टेबल जगताप और हेड कांस्टेबल भोसले जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे। हालांकि आरोपी फरार भी बताए जा रहे हैं। वहीं घटना के समय मौजूद अन्य 4 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है। यह कार्रवाई जीआरपी आयुक्त एम. राकेश कलासागर ने मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के एक दिन बाद की। उन्होंने कहा, “हम इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं।”
मिली जानकारी के मुताबिक, जूलर कमल सोनी अपनी 8 वर्षीय बेटी के साथ रक्षा बंधन पर मुंबई में अपनी बहन के घर आए थे। साथ ही उनको यहां एक सोने की प्रदर्शनी में भी शिरकत करनी थी। उन्होंने 10 अगस्त को राजस्थान लौटने के लिए टिकट बुक किया था। जूलर के साले उन्हें विदा करने टर्मिनस पहुंचे थे। प्लेटफॉर्म 5 पर सामान जांच के लिए मेज पर बैठे एक वर्दीधारी व्यक्ति ने उन्हें रोका।

उस व्यक्ति ने नाम-पट्टी नहीं लगा रखी थी। उसने जूलर के सामान में 14 ग्राम सोने का टुकड़ा और 32,000 रुपये नकद पाए और उसके बारे में पूछताछ की। जूलर के स्पष्टीकरण देने के बावजूद वह संतुष्ट नहीं हुआ और उसने एक अन्य वर्दीधारी को बुलाया, जिसके पास भी नाम-पट्टी नहीं थी। दोनों जूलर, उनकी बेटी और साले को एक गली से बाहर ले जाकर एक कमरे में ले गए। यह कमरा बाद में एक बीट चौकी के रूप में पहचाना गया, जहां एक ‘सीनियर’ बैठा था।

मिली जानकारी के मुताबिक, आरोप है कि जूलर को धमकाया गया कि यदि उसने सोना नहीं सौंपा तो उसे रातभर के लिए बंद कर दिया जाएगा। उसे गालियां दी गईं और दो बार थप्पड़ मारा गया। उसकी बेटी रोने लगी। उन लोगों ने धमकी दी कि सोने को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेंगे और उससे फोन पर आधार कार्ड की प्रति मंगवाने को कहा। साथ ही, जूलर से कुछ खाली कागजों पर जबरन हस्ताक्षर भी करवाए गए।

करीब रात 10:55 बजे, ट्रेन छूटने से पांच मिनट पहले, उन लोगों ने सोना लौटा दिया लेकिन पैसे रख लिए। जूलर ने यात्रा के खर्च के लिए नकद की जरूरत बताई, जिस पर उन्होंने 1,900 रुपये लौटाए और कहा कि अगर समय पर ट्रेन पकड़नी है तो भागकर जाओ। जीआरपी अधिकारी ने बताया, “सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमने तीन पुलिसकर्मियों की पहचान की और उन्हें निलंबित कर दिया। चार अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर थे लेकिन उनकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।”
Editorial

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