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CM का बड़ा ऐलान; बाढ़ पीड़ितों को 7000 रुपये सीधे खाते में
By EditorialPublished on
बिहार में बाढ़ से जूझ रहे परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प से बाढ़ राहत योजना की शुरुआत की। इसके तहत 12 जिलों के 6 लाख 51 हजार से अधिक प्रभावित परिवारों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से सहायता राशि भेजी गई। इस मद में कुल 456 करोड़ 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर

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पटना, 20 अगस्त 2025: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' से बाढ़ राहत कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने 12 जिलों के 6 लाख 51 हजार 602 बाढ़ प्रभावित परिवारों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से 7000 रुपये प्रति परिवार की दर से आनुग्रहिक राहत राशि का भुगतान किया। इस मद में सरकार की ओर से कुल 456 करोड़ 12 लाख रुपये जारी किए गए।
गंगा के किनारे 12 जिले बाढ़ से प्रभावित :
विकास आयुक्त सह आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि अगस्त माह में गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार समेत 11 जिले बाढ़ की चपेट में आए। इसके अलावा नालंदा जिले के चार प्रखंडों के आठ पंचायतों में भी बाढ़ की स्थिति बनी। कुल मिलाकर 12 जिलों के 66 प्रखंडों में लगभग 38 लाख आबादी प्रभावित हुई है।
अब तक बाढ़ राहत कार्यों के तहत 2.19 लाख पॉलीथीन शीट्स और 57 हजार 639 ड्राई राशन पैकेट बांटे गए हैं। साथ ही 14 बाढ़ राहत शिविरों में करीब 15 हजार लोग ठहरे हुए हैं। सामुदायिक रसोई केंद्रों में अब तक लगभग 85 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
सीएम नीतीश ने जताई चिंता और संवेदनशीलता :
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार आपदा की हर स्थिति में पीड़ितों के साथ खड़ी है। उन्होंने याद दिलाया कि 13 अगस्त को उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा बैठक की थी और 14 अगस्त को पटना, वैशाली, बेगूसराय और मुंगेर का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया था।
सीएम ने कहा, “मेरा शुरू से मानना है कि राज्य के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला अधिकार है। बाढ़ राहत के काम में तेजी और संवेदनशीलता दोनों जरूरी हैं। सितम्बर में भी भारी वर्षा और नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी सतर्कता के साथ काम करें।”
बाढ़ राहत कार्यों पर सरकार का फोकस :
सीएम ने कहा कि बाढ़ राहत का यह भुगतान केवल शुरुआत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक हर जरूरी मदद समय पर पहुंचाई जाए। चिकित्सा सुविधा, पशुओं की देखभाल और सामुदायिक रसोई केंद्रों में पर्याप्त भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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कार्यक्रम में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी :
इस मौके पर आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, विकास आयुक्त सह आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े।

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