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Indian Economy Growth : भारत का आर्थिक जलवा; ग्लोबल रैंकिंग में आया बड़ा बदलाव
By EditorialPublished on
Indian Economy Growth : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी में कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। उन्होंने कहा कि देश की तेज़ रफ्तार ग्रोथ और मजबूत आर्थिक नीतियों के चलते यह लक्ष्य जल्द हासिल होगा। हाल ही में मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में भी अनुमान जताया गया था कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की टॉप-3 लिस्ट में शामिल होगा।

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Indian Economy Growth : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वाराणसी में कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य हासिल करने के लिए देश को अपने आर्थिक हितों पर सतर्क रहना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार किसानों, लघु उद्योगों और युवाओं के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि विकास की रफ्तार बनी रहे।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मॉर्गन स्टेनली की हालिया रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और 2035 तक अपनी GDP को दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 10.6 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की योजना है।
अर्थव्यवस्था में मजबूती – पीएम मोदी का दावा
वाराणसी की जनसभा में पीएम मोदी ने कहा: "भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। हमारे आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए हमें सतर्क रहना होगा। किसानों, लघु उद्योगों और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दे हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि देश में महंगाई काबू में है, निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है।
GST कलेक्शन लगातार बढ़ रहा :
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2025 में GST कलेक्शन 7.5% बढ़कर 1,95,735 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह लगातार सातवां महीना है जब कलेक्शन 1.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। अप्रैल-जुलाई 2025 में कुल GST कलेक्शन 8,18,009 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 10.7% की बढ़त दर्शाता है।
महंगाई सबसे निचले स्तर पर :
महंगाई (CPI) जून 2025 में घटकर 2.10% रह गई, जो जनवरी 2019 के बाद सबसे कम है। RBI के अनुमान के मुताबिक यह 4% के लक्ष्य से नीचे है। कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से सब्जी, अनाज, दूध, दाल और मसालों जैसी चीजों के सस्ते होने से आई है।
ग्रामीण भारत में सुधार के संकेत :
नाबार्ड के ग्रामीण आर्थिक स्थिति सर्वेक्षण के अनुसार, जुलाई में 76.6% ग्रामीण परिवारों ने उपभोग बढ़ने की बात कही, जबकि 39.6% ने पिछले साल के मुकाबले आय में वृद्धि का अनुभव किया। जून में ग्रामीण मुद्रास्फीति घटकर 1.72% रह गई, जो बेहतर सप्लाई और रोजगार के बढ़ने का संकेत है।
हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने भी अपने बिजनेस अपडेट में कहा है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मांग बढ़ रही है, जिसमें ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स की बड़ी भूमिका है।
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निर्यात में दमदार उछाल :
अप्रैल-जून 2025 तिमाही में भारत का निर्यात 5.94% बढ़कर 210.31 अरब डॉलर हो गया। सेवाओं का निर्यात 10.93% बढ़कर 98.13 अरब डॉलर रहा। गैर-पेट्रोलियम और गैर-ज्वैलरी एक्सपोर्ट में क्रमशः 5.98% और 7.23% की वृद्धि हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स, जूट, चाय, मांस, पोल्ट्री और अनाज जैसे क्षेत्रों में ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भरता मिशन जैसी सरकारी योजनाओं से निर्यात को बढ़ावा मिला है।
RBI की दरों में कटौती से बढ़ा निवेश :
RBI ने जनवरी 2025 में रेपो रेट घटाकर 5.5% कर दी थी, जिससे लोन की लागत कम हुई और इससे उपभोग और निवेश दोनों को बल मिला।

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