पुणे के दौंड तालुका के यवत गांव में शुक्रवार को आपत्तिजनक पोस्ट के बाद दो समुदायों में हिंसक झड़प हुई है। इस दौरान कुछ लोगों ने जमकर उपद्रव मचाया और तोड़फोड़ की, कुछ वाहनों में आग लगा दिया।


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पुणे। पुणे के दौंड तालुका के यवत गांव में शुक्रवार को आपत्तिजनक पोस्ट के बाद दो समुदायों में हिंसक झड़प हुई है। इस दौरान कुछ लोगों ने जमकर उपद्रव मचाया और तोड़फोड़ की, कुछ वाहनों में आग लगा दिया। हालांकि पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। कुछ उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति को देखते हुए इंटरनेट बंद कर दिया गया है और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, 26 साल के आरोपी युवक ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट किया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है। एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया कि एक युवक ने व्हाट्सएप और फेसबुक पर आपत्तिजनक स्टेटस रखा था। इसकी शिकायत मिलते ही युवक को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन लाया गया। लेकिन तब तक यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। एक हफ्ते पहले हुई घटना की वजह से गांव में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल था और इस स्टेटस के बाद ग्रामीण सड़क पर उतर आये, इस दौरान कुछ युवकों ने कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की, लेकिन पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में पाया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा- सीएम फडणवीस

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ कहा है कि यह हिंसा पूर्व नियोजित और उकसावे की साजिश का नतीजा प्रतीक हो रही है। फडणवीस अभी पुणे दौरे पर है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने यवत में हुई घटना की पूरी जानकारी ली है। सीएम फडणवीस ने कहा, “एक बाहरी व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक झूठा और आपत्तिजनक स्टेटस डाला, जिससे लोग भड़क गए और सड़कों पर उतर आए। स्थिति अब नियंत्रण में है और दोनों समुदायों के लोग बैठकर चर्चा कर चुके हैं। लेकिन यह साफ है कि तनाव जानबूझकर फैलाया गया, और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं में अक्सर बाहरी वीडियो और भड़काऊ सामग्री का सहारा लिया जाता है। यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो कहा का हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “किसी भी तरह की अवैध और उकसाने वाली गतिविधि करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।”
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