जूलरी कारोबार
मुंबई। मालाड के एक जूलरी कारोबारी को नकली लोन एजेंटों ने 29 लाख रुपये का चूना लगाया। आरोपियों ने कारोबारी से कहा कि उसका 1 करोड़ रुपये का कर्ज प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत स्वीकृत है और आरोपियों ने प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर शिकायतकर्ता कारोबारी से रकम की मांग की थी। शिकायतकर्ता नरपत राम भूपाराम देवासी मालाड में रहते हैं और उनका इमिटेशन जूलरी पैकिंग का कारोबार है। जून में उन्होंने मोबाइल ऐप पर कर्ज के लिए आवेदन किया। इसके बाद नितिनकुमार नामक व्यक्ति ने खुद को एजेंट बताकर उनसे दस्तावेज लिए और व्हाट्सएप पर कर्ज मंजूरी पत्र भेजा। इसके बाद अश्विनकुमार नामक व्यक्ति ने खुद को राष्ट्रीयकृत बैंक का कर्मचारी बताकर देवासी से 9.53 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाए। आरोपी ने इसके बाद फोन बंद कर दिया। देवासी को ना तो कर्ज की रकम मिली और ना ही नितिनकुमार से उसका कोई संपर्क हो पाया। इसके बाद देवासी को दयाशंकर मिश्रा नामक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने खुद को फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताया और कर्ज मंजूरी की औपचारिकताओं के नाम पर शिकायतकर्ता कारोबारी से और 18.73 लाख रुपये जमा करवाए। लेकिन न तो कर्ज मिला और न ही आरोपी संपर्क में आए। धोखाधड़ी का अहसास होने पर देवासी ने पुलिस से संपर्क कर तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
Editorial

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