वोट चोरी का संग्राम तेज; विपक्ष उतरा मोर्चे पर
वोट चोरी विवाद : देश की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है वोट चोरी विवाद। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर शुरू हुई लड़ाई अब और भी गंभीर मोड़ लेती दिख रही है। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, रविवार देर रात विपक्षी दलों की बैठक में इस पर चर्चा भी हुई, हालांकि अंतिम फैसला अब तक नहीं लिया गया है।
वोट चोरी को लेकर विपक्ष का आक्रामक रुख :
कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन की सभी पार्टियां बिहार में हुए SIR का कड़ा विरोध कर चुकी हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान करीब 65 लाख वोटरों के नाम लिस्ट से काट दिए गए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधे भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि “बीजेपी वोट चोर है और चुनाव आयोग उसकी मदद कर रहा है।”
वहीं दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं का मानना है कि यह केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की जा रही है। यही कारण है कि विपक्ष अब सीधा चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला बोलते हुए महाभियोग की तैयारी में है।
चुनाव आयोग का पलटवार :
विवाद बढ़ने के बीच चुनाव आयोग ने रविवार (17 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आयोग ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वोट चोरी का आरोप झूठा और भ्रामक है। चुनाव आयोग ने साफ किया कि न तो संस्था किसी से डरती है और न ही मतदाता को गुमराह होने दिया जाएगा। साथ ही आयोग ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल जरूर करें। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से उनके आरोपों के सबूत भी मांगे थे, जिस पर अब सियासी हलचल और बढ़ गई है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती :
SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया था। अदालत ने चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि जिन 65 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं, उनकी पूरी सूची सार्वजनिक की जाए। आदेश का पालन करते हुए आयोग ने अपनी वेबसाइट पर सभी नाम अपलोड कर दिए थे। इसके बावजूद विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और इसमें गड़बड़ियां की गईं।
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उपराष्ट्रपति चुनाव भी चर्चा में :
इस बीच, विपक्षी दल उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी तैयारी में जुटे हैं। एनडीए ने महाराष्ट्र के गवर्नर सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वहीं INDIA गठबंधन अब तक अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं कर पाया है। सूत्रों के अनुसार, सोमवार (18 अगस्त) शाम को विपक्षी दल फोन कॉल या वीडियो कॉल के जरिए बैठक करेंगे और जल्द ही उम्मीदवार का नाम घोषित किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, वोट चोरी विवाद अब केवल एक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा कर रहा है। आने वाले दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष महाभियोग लाता है या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन इतना तय है कि यह लड़ाई लंबी चलेगी और इसका असर देश की राजनीति पर गहरा पड़ेगा।
Editorial

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