Trump Putin Meeting
Trump Putin Meeting : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में ढाई घंटे लंबी वार्ता चली। यह बहुप्रतीक्षित Trump Putin Meeting वैश्विक स्तर पर उम्मीदों से भरी हुई थी कि शायद इससे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता निकलेगा। लेकिन बैठक से कोई बड़ा समझौता नहीं निकल सका। इसी दौरान रूस ने यूक्रेन में अपनी सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए दो गांवों पर कब्जा कर लिया।

रूस का दावा – दो गांवों पर नियंत्रण :
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि उनकी सेना ने डोनेट्स्क क्षेत्र के कोलोडियाजी गांव और निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र के वोरोन गांव पर नियंत्रण कर लिया है। यह खबर ऐसे समय आई जब अलास्का में Trump Putin Meeting चल रही थी। यूक्रेन का कहना है कि रूस ने रातभर में 85 ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जिससे कई इलाके प्रभावित हुए।
जेलेंस्की का सख्त बयान :
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि जिस दिन ट्रंप और पुतिन आमने-सामने बैठे, उसी दिन रूस ने हत्याएं कीं। उनके मुताबिक यह साफ संकेत है कि मॉस्को का युद्ध समाप्त करने का कोई इरादा नहीं है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस की यह कार्रवाई वैश्विक समुदाय को दिखाती है कि पुतिन पर भरोसा करना मुश्किल है।
Trump Putin Meeting में क्या हुई चर्चा ?
अलास्का में हुई Trump Putin Meeting करीब ढाई घंटे चली। इस दौरान दोनों नेताओं ने युद्ध को "ट्रेजडी" बताया लेकिन सीजफायर पर कोई सहमति नहीं बनी। पुतिन ने ट्रंप को अगली बैठक के लिए मॉस्को आने का न्योता दिया। वहीं, ट्रंप ने कहा कि बातचीत की शुरुआत हो गई है और कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है, जबकि कुछ मुद्दे अब भी बाकी हैं।

जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे ट्रंप :
बैठक के बाद ट्रंप ने साफ किया कि वे जल्द ही यूक्रेन और यूरोपीय नेताओं से भी चर्चा करेंगे। इसी कड़ी में जेलेंस्की ने घोषणा की है कि वह सोमवार (18 अगस्त, 2025) को वाशिंगटन जाकर ट्रंप से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि यह मुलाकात यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की रणनीति को और स्पष्ट करेगी।
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दुनिया की निगाहें क्यों टिकी हैं ?
यह Trump Putin Meeting इसलिए अहम मानी जा रही थी क्योंकि युद्ध को खत्म करने के लिए अब तक कई कूटनीतिक कोशिशें नाकाम रही हैं। पश्चिमी देशों का मानना है कि अगर अमेरिका और रूस आपसी सहमति से कोई रास्ता निकालते हैं तो युद्धविराम की संभावना बन सकती है। लेकिन अलास्का की बैठक में कोई ठोस नतीजा न निकलना निराशाजनक रहा।
फिलहाल हालात यह साफ कर रहे हैं कि युद्ध अभी लंबा खिंच सकता है। रूस की नई कार्रवाई और दो गांवों पर कब्जा इस बात का संकेत है कि मास्को की रणनीति आक्रामक ही बनी रहेगी। दूसरी ओर, Trump Putin Meeting के बाद भले ही कोई समझौता न हुआ हो, लेकिन बातचीत की शुरुआत को कूटनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें वाशिंगटन में होने वाली ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात पर टिकी होंगी।
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