Trump on China : ट्रंप का धमाका; रूस-चीन तेल डील पर अब लगेंगे टैरिफ के वार
Trump on China : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शुक्रवार (15 अगस्त, 2025) को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि Trump on China के बयान में बीजिंग के खिलाफ सख्त कदमों का ऐलान होगा, लेकिन ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें अभी चीन पर तुरंत टैरिफ लगाने की जरूरत नहीं लगती।
चीन पर टैरिफ को लेकर ट्रंप का रुख :
फ़ॉक्स न्यूज़ के एंकर सीन हैनिटी ने जब राष्ट्रपति से सीधा सवाल किया कि क्या वे चीन पर भी वैसे ही टैरिफ लगाएंगे जैसे भारत पर लगाए गए हैं, तो ट्रंप ने चौंकाने वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा, "आज जो हुआ है, उसके बाद मुझे लगता है कि फिलहाल इस पर विचार करने की जरूरत नहीं है।" हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले दो या तीन हफ्तों में स्थिति बदल सकती है और उन्हें चीन के खिलाफ सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि भारत और चीन दोनों ही रूस से तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देश हैं। ट्रंप ने बीते हफ्ते भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, लेकिन चीन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि Trump on China का अगला कदम क्या होगा।
पुतिन से मुलाकात के बाद बदली रणनीति :
अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई शिखर वार्ता को लेकर ट्रंप ने कहा कि बातचीत काफी सकारात्मक रही। उन्होंने कहा, "अब मुझे इसके बारे में दो या तीन हफ्ते बाद सोचना पड़ सकता है, लेकिन अभी इस पर कोई तात्कालिक कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है।" इस बयान से साफ है कि पुतिन के साथ हुई मीटिंग ने ट्रंप की रणनीति को फिलहाल नरम बना दिया है।
रूस-चीन पर दबाव की रणनीति :
ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर रूस ने यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया तो न केवल मॉस्को पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे बल्कि उन देशों पर भी कार्रवाई होगी जो रूस से तेल खरीद रहे हैं। यानी बीजिंग और नई दिल्ली दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।
भारत पहले ही टैरिफ की मार झेल रहा है और अब चीन पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने यह साफ किया कि वे तुरंत कोई फैसला नहीं लेने वाले।
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ट्रंप - शी जिनपिंग के बीच समझौते की कोशिश :
दिलचस्प बात यह है कि इसी बीच अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक समझौते पर बातचीत चल रही है। ट्रंप और शी जिनपिंग ऐसे डील पर काम कर रहे हैं जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और इंपोर्ट ड्यूटी को कम किया जा सके। लेकिन अगर अमेरिका ने रूस को लेकर चीन के खिलाफ टैरिफ का फैसला लिया, तो यह डील खतरे में पड़ सकती है।
फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि Trump on China की पॉलिसी किस दिशा में जाती है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले दो से तीन हफ्तों में वे बड़ा कदम उठा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो न सिर्फ रूस और चीन बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ना तय है।
Editorial

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