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Kailash Vijayvargiya Statement : कटी-फटी आज़ादी मिली’; एमपी मंत्री का बयान, मचा सियासी तूफान
By EditorialPublished on
Kailash Vijayvargiya Statement : मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज़ादी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि 1947 में देश को मिली स्वतंत्रता 'कटी-फटी आज़ादी' थी। विजयवर्गीय का कहना है कि भगत सिंह जैसे वीर बलिदानियों की शहादत के बावजूद भारत को अधूरी आज़ादी मिली, जिस पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है

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Kailash Vijayvargiya Statement : मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) की पूर्व संध्या पर इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश की आज़ादी को "कटी-फटी" करार दिया। इस Kailash Vijayvargiya Statement का वीडियो सामने आते ही यह बयान चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।
क्या कहा कैलाश विजयवर्गीय ने ?
जनता को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, "एक दिन ऐसा आएगा जब इस्लामाबाद पर तिरंगा फहराया जाएगा और तब अखंड भारत का सपना पूरा होगा।" उन्होंने आगे कहा, "15 अगस्त 1947 को हमें कटी-फटी आजादी मिली थी। गलत नीतियों के कारण भारत माता के दो टुकड़े हुए। जिस आजादी के लिए भगत सिंह जैसे वीर फांसी के फंदे पर झूल गए, वह आजादी हमें 15 अगस्त को नहीं मिली। हमें अधूरी आजादी मिली थी।"
यह Kailash Vijayvargiya Statement सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है और विपक्षी दलों ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई है।
'अखंड भारत का सपना होगा पूरा' :
कैलाश विजयवर्गीय ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उनका सपना अखंड भारत का है और एक दिन इस्लामाबाद पर तिरंगा फहराकर यह सपना साकार होगा। उन्होंने मोदी सरकार की विदेश नीति और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया है और भारतीय सेना ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।
राष्ट्रभक्ति गीत और नारेबाजी :
कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने 'ये देश है वीर जवानों का' और 'मेरा रंग दे बसंती चोला' जैसे कई राष्ट्रभक्ति गीत गाए और 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए। हालांकि, देश की आजादी को उन्होंने आज भी अधूरा बताया और कहा कि "जिस बलिदान के लिए लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने जान दी, उस त्याग के अनुरूप हमें आजादी नहीं मिली।"
विवादों से पुराना नाता :
यह पहली बार नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय अपने बयान से विवादों में आए हों। जून 2025 में भी उन्होंने एक बयान दिया था जिसमें कहा था कि उन्हें कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां पसंद नहीं हैं। उस वक्त भी उनकी टिप्पणी पर काफी हंगामा हुआ था। लगातार उनके बयानों से एमपी की राजनीति गर्माती रहती है।
इस बार का Kailash Vijayvargiya Statement भी उसी सिलसिले की एक कड़ी है, जिसने आजादी जैसे संवेदनशील मुद्दे को छेड़ दिया है।
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विपक्ष का पलटवार :
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कहा है कि यह बयान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान है। उनका कहना है कि मंत्री का यह बयान न सिर्फ विवादित है बल्कि विभाजनकारी सोच को बढ़ावा देने वाला भी है। वहीं भाजपा के कुछ नेताओं ने इसे राष्ट्रवादी भावना से जुड़ा बयान बताकर बचाव किया है।
कैलाश विजयवर्गीय अक्सर अपने बयानों से सुर्खियां बटोरते हैं। लेकिन इस बार का Kailash Vijayvargiya Statement स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिया गया, जिससे विवाद और भी गहरा गया है। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर सियासत और भी गरमा सकती है।
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