बिहार में देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय, किसानों को मिलेगा रियल टाइम लाभ
पटना, 16 अप्रैल 2025 –बिहार ने कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए देश का पहला डिजिटल कृषि निदेशालय (Digital Agriculture Directorate) स्थापित कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के साथ शुरू की गई इस पहल का


पटना, 16 अप्रैल 2025 –
किसानों के लिए रियल टाइम डेटा और योजनाओं का लाभ
डिजिटल क्रॉप सर्वे की मदद से अब हर फसल मौसम में सटीक उत्पादन और उत्पादकता का अनुमान मिल सकेगा। इससे राज्य सरकार को नीति निर्माण और संसाधनों के प्रभावी वितरण में मदद मिलेगी। किसानों को आधार-आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली से सीधी सुविधा दी जाएगी।
वर्ष 2018 से राज्य में DBT के माध्यम से किसानों को अनुदान, आपदा राहत पैकेज और डीज़ल अनुदान सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। वर्तमान में 2 करोड़ से अधिक किसान इस पोर्टल पर पंजीकृत हैं, जो देश का सबसे बड़ा डिजिटल किसान डेटाबेस है।
नई तकनीक और आधुनिक सुविधाएं
डिजिटल कृषि निदेशालय की स्थापना के साथ ही किसानों को कई नई तकनीकी सेवाएं उपलब्ध होंगी, जैसे –
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डिजिटल मृदा हेल्थ कार्ड
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फसल अनुमान के लिए डिजिटल जनरल क्रॉप एस्टीमेशन सर्वे
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ड्रोन तकनीक से पौधा संरक्षण
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कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेवाएं
साथ ही, किसानों और कृषि अधिकारियों के कार्य को आसान बनाने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन और ई-गवर्नेंस टूल्स विकसित किए जाएंगे।
कृषि डेटाबेस का एकीकरण
इस निदेशालय का मुख्य उद्देश्य कृषि और इससे संबंधित क्षेत्रों का एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है। इसके माध्यम से किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म से मौसम आधारित सलाह, बाजार की जानकारी, संकट प्रबंधन और योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
बिहार को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर गौरव
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस पहल से बिहार कृषि डिजिटलीकरण में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि राज्य के ग्रामीण आर्थिक विकास को भी नई गति देगा।
डिजिटल कृषि निदेशालय किसानों को पारदर्शिता, त्वरित लाभ और तकनीकी सहयोग प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे बिहार आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनकर कृषि क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक मॉडल राज्य बनेगा।

