20 कोच की रफ़्तार; सोलापुर-मुंबई वंदे भारत में अपग्रेड
सोलापुर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मध्य रेल ने यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत ट्रेन में 4 अतिरिक्त चेयर कार कोच जोड़ने का फैसला किया है। इस बदलाव के बाद ट्रेन की लंबाई बढ़कर 20 डिब्बों की हो जाएगी और यात्रियों को 312 अतिरिक्त सीटों का लाभ मिलेगा।
मध्य रेल के अनुसार, नई कोच संरचना 28 अगस्त 2025 से ट्रेन संख्या 22225 सीएसएमटी मुंबई-सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस में लागू होगी, जबकि ट्रेन संख्या 22226 सोलापुर-सीएसएमटी मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस में यह बदलाव 29 अगस्त 2025 से लागू किया जाएगा।

नई कोच संरचना का विवरण :
अब यह ट्रेन कुल 20 कोच के साथ चलेगी, जिसमें शामिल होंगे:
  • 2 एग्जीक्यूटिव चेयर कार (EC) – प्रत्येक में 52 सीटें
  • 16 चेयर कार (CC) – प्रत्येक में 78 सीटें
  • 2 चेयर कार (लोको पायलट और गार्ड केबिन के साथ) – प्रत्येक में 44 सीटें
इस तरह ट्रेन की कुल बैठने की क्षमता अब 1,440 सीट हो जाएगी, जो पहले की तुलना में 312 सीट अधिक है। यह अपग्रेड यात्रियों के लिए न केवल अधिक बैठने की सुविधा देगा बल्कि यात्रा को और अधिक आरामदायक और सुगम बनाएगा।
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यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव :
रेलवे का कहना है कि 4 अतिरिक्त कोच जुड़ने से भीड़भाड़ कम होगी और यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। इसके साथ ही, सोलापुर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस अपने तेज़, आरामदायक और समयनिष्ठ सफर के लिए जानी जाती है, जिसे अब और बेहतर बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
सोलापुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक श्री योगेश पाटिल ने कहा कि यह बदलाव यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि इस उन्नत सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और देश की प्रतिष्ठित वंदे भारत एक्सप्रेस में एक बेहतरीन यात्रा अनुभव का आनंद लें।
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क्यों खास है यह ट्रेन :
सोलापुर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस पश्चिम भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली हाई-स्पीड ट्रेन है। यह न केवल समय बचाती है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस है। बेहतर सीटिंग, स्वचालित दरवाज़े, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और उच्च गुणवत्ता वाली कैटरिंग सेवा इस ट्रेन को बाकी ट्रेनों से अलग बनाती है। यात्रियों का कहना है कि नई कोच संरचना से टिकट उपलब्धता में सुधार होगा और लंबी प्रतीक्षा सूची का दबाव कम होगा। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में यह बदलाव बेहद फायदेमंद साबित होगा।
मध्य रेल का यह कदम दर्शाता है कि भारतीय रेलवे अपने यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लगातार सुधार की दिशा में काम कर रहा है। आने वाले समय में इस तरह के और अपग्रेड देखने को मिल सकते हैं, जिससे भारत की हाई-स्पीड रेल सेवा और भी सशक्त होगी।
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