बाढ़ प्रभावित जिलों का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया हवाई सर्वेक्षण...
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों वैशाली, पटना, बेगूसराय और मुंगेर का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सर्वेक्षण के क्रम में वैशाली जिले के राघोपुर दियारा, पटना जिले के काला दियारा, रूपस महाजी, रामनगर, कसहा दियारा, मोकामा, बाढ़ एवं फतुहा के टाल क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने बेगूसराय और मुंगेर के भी कई बाढ़ प्रभावित इलाक


पटना, 14 अगस्त 2025 — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों वैशाली, पटना, बेगूसराय और मुंगेर का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने सर्वेक्षण के क्रम में वैशाली जिले के राघोपुर दियारा, पटना जिले के काला दियारा, रूपस महाजी, रामनगर, कसहा दियारा, मोकामा, बाढ़ एवं फतुहा के टाल क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने बेगूसराय और मुंगेर के भी कई बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया।
सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग को पूरी तरह मुस्तैद रहने और लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निचले इलाकों में जहां पानी का स्तर बढ़ रहा है, वहां सतत निगरानी की जाए और जिलाधिकारी हालात पर पूरी नजर रखें। अभियंताओं को अलर्ट मोड पर रहने तथा वरीय पदाधिकारियों को स्थल पर कैंप करने के निर्देश भी दिये गये।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग को भी सतत अनुश्रवण करने और प्रभावित लोगों को एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के अनुसार पूरी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता और मुस्तैदी के साथ किए जाएं, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को परेशानी न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एसओपी के अनुसार सभी जिलों और संबद्ध विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश पहले ही दिये जा चुके हैं, जिनका अक्षरशः पालन किया जाए। इसमें नाव संचालन, पॉलिथिन शीट्स, राहत सामग्री, दवा, पशुचारा, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन और फूड पैकेट्स, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत राहत मिल सके।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव अनुपम कुमार, सचिव कुमार रवि और आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह मौजूद थे।
इस समय बिहार में कई निचले इलाके बाढ़ की चपेट में हैं और भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सरकार ने राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और आपातकालीन केंद्र सक्रिय कर दिये हैं, जबकि नावों के माध्यम से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम जारी है।

