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कर्मों का फल भोगना पड़ता है
By EditorialPublished on
मेवाड़ भवन, गोरेगांव में विजयलता मसा, प्रज्ञाश्री मसा, पुण्याश्री मसा के सानिध्य में विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
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मुंबई। मेवाड़ भवन, गोरेगांव में विजयलता मसा, प्रज्ञाश्री मसा, पुण्याश्री मसा के सानिध्य में विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। प्रवचन श्रृंखला में उन्होंने कहा कि हमारे कर्म चाहे शुभ हों या अशुभ, उनका फल हमें भोगना पड़ता है। शुभ कर्मों के उदय से सुख-शांति और अशुभ कर्मों के उदय से पीड़ा का अनुभव होता है। मोक्ष प्राप्ति के लिए दोनों ही प्रकार के कर्मों का क्षय आवश्यक है। संयममय तपस्या से पूर्व भवों में बंधे कर्मों का क्षय किया जा सकता है। इस अवसर पर संघ अध्यक्ष भैरूलाल लोढा, कोषाध्यक्ष फूलचंद नाहर, रमेश लोढा, प्रीती नाहर, पारसमल बाफना आदि ने विचार रखे। संचालन महामंत्री प्रकाश नाहर ने किया। यह जानकारी ज्ञान प्रकाश समिति मेवाड़ संघ मुंबई के निवर्तमान संयोजक विनोद चपलोत ने दी।
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