बिहार में 9 वर्षों में 4,616 एनजीओ और 1,774 फर्मों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

पटना, 12 अगस्त।
बिहार ने डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए ऑनलाइन निबंधन प्रणाली में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2016 से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत अब तक राज्य में 4,616 एनजीओ और 1,774 फर्मों का निबंधन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया गया है। यह प्रक्रिया मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट nibandhan.bihar.gov.in के माध्यम से सरल, पारदर्शी और पेपरलेस तरीके से संपन्न होती है।

शुल्क संरचना

निबंधन के लिए शुल्क भी श्रेणी के अनुसार तय है —

  • राष्ट्रीय स्तर की संस्था: ₹25,500

  • बिहार स्तर की संस्था: ₹15,500

  • फर्म का निबंधन: ₹1,500

सभी शुल्क का भुगतान सीधे ऑनलाइन किया जाता है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है।


एनजीओ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

आवेदक को संस्था का नाम, पता, जिला, पदाधिकारियों और सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन फॉर्म में भरनी होती है। इसके बाद कार्यालय स्तर पर आवेदन की जांच की जाती है।

  • यदि आवेदन में कोई कमी होती है, तो उसे सुधार के लिए वापस कर दिया जाता है।

  • सही आवेदन पर निबंधन महानिरीक्षक की ओर से प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है, जिसे आवेदक अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड से डाउनलोड कर सकता है।

यह पूरी तरह पेपरलेस और फेसलेस प्रक्रिया है, जिसमें आवेदक को किसी भी सरकारी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता नहीं होती।


एनजीओ निबंधन के लिए जरूरी दस्तावेज

  1. आम सभा का प्रस्ताव (दो राजपत्रित पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से प्रमाणित)

  2. स्मृति-पत्र और नियमावली (राजपत्रित पदाधिकारी से प्रमाणित)

  3. पदाधिकारियों का पहचान पत्र (स्व-हस्ताक्षरित और प्रमाणित)

  4. अंचलाधिकारी या अन्य अधिकारी द्वारा जारी कार्यालय का फोटो और प्रमाण-पत्र


फर्म निबंधन के लिए जरूरी दस्तावेज

  1. प्रपत्र-1 (नोटरी या राजपत्रित पदाधिकारी से प्रमाणित)

  2. साझेदारी दस्तावेज की प्रमाणित प्रति

  3. साझेदारों का पहचान पत्र (आधार, पैन, वोटर आईडी — स्व-हस्ताक्षरित और प्रमाणित)

सभी आवश्यक दस्तावेज और शुल्क ऑनलाइन जमा करने के बाद प्रक्रिया पूरी हो जाती है, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ती है बल्कि समय की भी बचत होती है।

Editorial

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