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बिपार्ड, गया कैंपस को मिला ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र — बिहार के प्रशासनिक प्रशिक्षण में गुणवत्ता का नया अध्याय
By EditorialPublished on
बिहार के प्रशासनिक और ग्रामीण विकास प्रशिक्षण के प्रमुख केंद्र बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) के गया कैंपस ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को भारतीय रजिस्टर क्वालिटी सिस्टम्स (IRQS) द्वारा ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। यह सम्मान बिपार्ड की गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की श्रेष्ठता और वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली की आधिकारिक स्वीकृति है। यह प्रमाणपत्र 10 अगस्त 2028 तक मान्य रहेगा

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पटना, 12 अगस्त 2025 — बिहार के प्रशासनिक और ग्रामीण विकास प्रशिक्षण के प्रमुख केंद्र बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट (बिपार्ड) के गया कैंपस ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को भारतीय रजिस्टर क्वालिटी सिस्टम्स (IRQS) द्वारा ISO 9001:2015 प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है। यह सम्मान बिपार्ड की गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली की श्रेष्ठता और वैश्विक मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली की आधिकारिक स्वीकृति है। यह प्रमाणपत्र 10 अगस्त 2028 तक मान्य रहेगा।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे संस्थान के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्दर का नेतृत्व और संकाय सदस्यों व प्रशिक्षण स्टाफ का सामूहिक प्रयास रहा। डॉ. राजेन्दर बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग तथा खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव भी हैं। उन्होंने कहा —
"यह प्रमाणपत्र बिपार्ड टीम के सामूहिक प्रयास, समर्पण और उत्कृष्टता का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य बिहार के प्रशासनिक तंत्र को और अधिक कुशल, संवेदनशील और उत्तरदायी बनाना है, ताकि जनता को बेहतर सेवा मिल सके।"
बिपार्ड, गया कैंपस ने हाल के वर्षों में प्रशासनिक और ग्रामीण विकास प्रशिक्षण में नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी है। आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, तकनीक-आधारित शिक्षण और व्यावहारिक प्रशासनिक कौशल के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। जनवरी 2025 में आयोजित ‘मिशन कर्मयोगी’ कार्यशाला इसका उदाहरण है, जिसमें देशभर के 17 राज्यों से वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारियों ने भाग लिया था। इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और बिहार की क्षमता निर्माण पहलों की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई।
संस्थान समय-समय पर प्रशासनिक सेवा, पुलिस, पंचायत, शिक्षा और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों के लिए नेतृत्व विकास, सुशासन, वित्तीय प्रबंधन, और जन-केंद्रित प्रशासन जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इन प्रयासों से प्रशिक्षु अधिकारियों में न केवल दक्षता में वृद्धि हुई है, बल्कि उनमें संवेदनशीलता, जवाबदेही और परिणामोन्मुख कार्यशैली भी विकसित हुई है।
बिपार्ड की इस उपलब्धि को राज्य सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के सतत मार्गदर्शन और सहयोग का परिणाम माना जा रहा है। इस सम्मान के साथ, गया कैंपस ने न केवल बिहार बल्कि देश के अन्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर ली है।
यह क्षण बिहार के लिए गर्व और प्रेरणा का है। यह उपलब्धि राज्य में प्रशासनिक उत्कृष्टता और सुशासन की दिशा में एक और मजबूत कदम है, जो आने वाले समय में बिहार के शासन-प्रशासन को और सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे संस्थान के महानिदेशक डॉ. बी. राजेन्दर का नेतृत्व और संकाय सदस्यों व प्रशिक्षण स्टाफ का सामूहिक प्रयास रहा। डॉ. राजेन्दर बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग तथा खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव भी हैं। उन्होंने कहा —
"यह प्रमाणपत्र बिपार्ड टीम के सामूहिक प्रयास, समर्पण और उत्कृष्टता का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य बिहार के प्रशासनिक तंत्र को और अधिक कुशल, संवेदनशील और उत्तरदायी बनाना है, ताकि जनता को बेहतर सेवा मिल सके।"
बिपार्ड, गया कैंपस ने हाल के वर्षों में प्रशासनिक और ग्रामीण विकास प्रशिक्षण में नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी है। आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, तकनीक-आधारित शिक्षण और व्यावहारिक प्रशासनिक कौशल के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। जनवरी 2025 में आयोजित ‘मिशन कर्मयोगी’ कार्यशाला इसका उदाहरण है, जिसमें देशभर के 17 राज्यों से वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारियों ने भाग लिया था। इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और बिहार की क्षमता निर्माण पहलों की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई।
संस्थान समय-समय पर प्रशासनिक सेवा, पुलिस, पंचायत, शिक्षा और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों के लिए नेतृत्व विकास, सुशासन, वित्तीय प्रबंधन, और जन-केंद्रित प्रशासन जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इन प्रयासों से प्रशिक्षु अधिकारियों में न केवल दक्षता में वृद्धि हुई है, बल्कि उनमें संवेदनशीलता, जवाबदेही और परिणामोन्मुख कार्यशैली भी विकसित हुई है।
बिपार्ड की इस उपलब्धि को राज्य सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के सतत मार्गदर्शन और सहयोग का परिणाम माना जा रहा है। इस सम्मान के साथ, गया कैंपस ने न केवल बिहार बल्कि देश के अन्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर ली है।
यह क्षण बिहार के लिए गर्व और प्रेरणा का है। यह उपलब्धि राज्य में प्रशासनिक उत्कृष्टता और सुशासन की दिशा में एक और मजबूत कदम है, जो आने वाले समय में बिहार के शासन-प्रशासन को और सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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