GST
मुंबई। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने 445.96 करोड़ रूपये के जीएसटी चोरी के मामले में कारोबारी पोपटलाल बाबूलाल संघवी को गिरफ्तार किया है। संघवी पायल गोल्ड प्राइवेट लि. का निदेशक है। पोपटलाल संघवी पर करीब 446 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी में शामिल रैकेट का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। आरोप है कि यह रैकेट बिना हिसाब-किताब वाले सोने की बिक्री और कर योग्य लेन-देन के “सिस्टमेटिक सप्रेशन” के जरिए चलाया जा रहा था।
पायल गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, जो मुंबई के बुलियन बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी है, पहली बार इस पैमाने के जीएसटी से संबंधित अपराधों के मामले में जांच के दायरे में आया। संघवी को शुक्रवार को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम, 2017 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। उन्हें मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की जांच के लिए 12 अगस्त तक डीजीजीआई की हिरासत में भेज दिया गया।
डीजीजीआई अब बैंक लेन-देन, शेयर लेन-देन, शेयर रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की जांच कर रहा है, ताकि गैरकानूनी बिक्री के सिलसिले का पता लगाया जा सके और अंतिम कर देयता की सटीक गणना की जा सके।
Editorial

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