Jane Street Trading Probe : शेयर बाजार में गड़बड़ी; जेन स्ट्रीट पर अवैध कमाई का आरोप
भारतीय शेयर बाजार से अवैध मुनाफा कमाने के आरोपों का सामना कर रही अमेरिका की जानी-मानी फाइनेंशियल ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट (Jane Street) अब भारतीय आयकर विभाग (Income Tax Department) और सेबी (SEBI) की कड़ी जांच के घेरे में है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी भारत में चल रही पूछताछ और दस्तावेज़ों की मांग में पूरा सहयोग नहीं कर रही है, जिससे जांच एजेंसियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
आयकर विभाग को नहीं मिल रहे अहम दस्तावेज :
रिपोर्ट के अनुसार, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जेन स्ट्रीट से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और डेटा की मांग की थी, जिसमें ट्रेडिंग रिकॉर्ड, अकाउंट बुक और सर्वर लॉग्स शामिल हैं। हालांकि, अब तक कंपनी ने इनकी उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी का सर्वर भारत के बाहर स्थित है, जो उनकी तकनीकी पहुंच से बाहर है।
इसके अलावा, अकाउंट बुक्स भी भारत में रखने की बजाय विदेश में ही बनाए गए हैं, जबकि भारतीय कानूनों के अनुसार किसी भी कंपनी को अपने वित्तीय रिकॉर्ड भारत में ही रखना अनिवार्य होता है। रिपोर्ट में बताया गया कि कंपनी के स्थानीय कर्मचारी भी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
SEBI की कार्रवाई और ट्रेडिंग पर रोक :
जांच के शुरुआती संकेत पहले ही तब मिले जब बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने 4 जुलाई 2025 को जेन स्ट्रीट पर अस्थायी रूप से ट्रेडिंग पर रोक लगा दी। सेबी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने डेरिवेटिव्स (Derivatives) का दुरुपयोग कर भारतीय शेयर बाजार में हेरफेर (Market Manipulation) किया।
सेबी की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2023 से मई 2025 के बीच जेन स्ट्रीट ने 4.23 बिलियन डॉलर की कमाई की, जो मुख्य रूप से डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग से हुई। ये गतिविधियां नियामकीय दिशा-निर्देशों के विरुद्ध थीं और बाजार को अस्थिर करने की श्रेणी में आती हैं।
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नुवामा वेल्थ भी जांच के दायरे में :
भारत में जेन स्ट्रीट के स्थानीय साझेदार नुवामा वेल्थ (Nuvama Wealth) के दस्तावेज़ों और गतिविधियों की भी आयकर विभाग द्वारा गहन समीक्षा की जा रही है। एजेंसियों का मानना है कि दोनों कंपनियों के बीच हुए सौदों में कुछ अनियमितताएं हो सकती हैं जो टैक्स चोरी और नियम उल्लंघन की तरफ इशारा करती हैं।
अधिकारियों को मिल रही जांच में दिक्कतें :
सरकारी सूत्रों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन जेन स्ट्रीट द्वारा पूरा सहयोग न करने की वजह से तकनीकी और कानूनी दोनों तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि यदि कंपनी सहयोग नहीं करती, तो कानूनी कार्रवाई और भी सख्त की जा सकती है।
Editorial

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