राजस्थान के चूरू में फाइटर प्लेन क्रैश; दोनों पायलट की मौत।
राजस्थान के चूरू जिले में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। रतनगढ़ कस्बे के पास भानोदा गांव के पास भारतीय वायुसेना (IAF) का एक फाइटर प्लेन क्रैश हो गया। यह विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था। इस दुर्घटना में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
भारतीय वायुसेना ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि, "भारतीय वायुसेना का एक जगुआर ट्रेनर एयरक्राफ्ट राजस्थान के चूरू जिले के पास नियमित प्रशिक्षण मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में दोनों पायलटों की मृत्यु हो गई है। हादसे में किसी भी नागरिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है।"
वायुसेना ने इस हादसे पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि वह इस दुखद घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। साथ ही, दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है, जो इस हादसे की गहराई से जांच करेगी। यह हादसा दोपहर करीब 1:25 बजे हुआ, जब विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और खेतों के बीच गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे :
यह पहली बार नहीं है जब जगुआर फाइटर प्लेन हादसे का शिकार हुआ है। इससे पहले अप्रैल महीने में गुजरात के जामनगर जिले के सुवर्णा रोड गांव के पास भारतीय वायुसेना का एक जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हुआ था। उस हादसे में भी विमान में आग लग गई थी और प्लेन कई टुकड़ों में टूट गया था।
इसी साल मार्च में हरियाणा के अंबाला जिले में भी एक फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हालांकि उस हादसे में पायलट समय रहते इजेक्ट कर गया था और कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था।
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वायुसेना की तैयारी और सुरक्षा सवालों के घेरे में :
लगातार हो रहे फाइटर प्लेन हादसों ने वायुसेना के विमान सुरक्षा और प्रशिक्षण मिशनों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि वायुसेना हर बार हादसे की जांच कराती है और सुधारात्मक कदम उठाने का दावा करती है, लेकिन ऐसे हादसे समय-समय पर दोहराए जाते रहे हैं।
अब चूरू हादसे की जांच रिपोर्ट से ही यह साफ हो पाएगा कि इस दुर्घटना के पीछे तकनीकी खामी थी, मानवीय गलती या कोई अन्य कारण। फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और दोनों पायलटों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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Editorial

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