डूंगला में आक्रोशित हुए ग्रामीण


(चित्तौड़गढ़) | प्रात:काल संवाददाता : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला कस्बे में मंगलवार को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली एक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। कस्बे से भाना खेड़ी जाने वाली मुख्य सड़क पर निर्माणाधीन शिव मंदिर को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया, यहां तक कि शिवलिंग को भी खंडित कर दिया गया।


सुबह जब ग्रामीणों को इस शर्मनाक घटना की जानकारी मिली, तो डूंगला कस्बा सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए। लोगों में गुस्सा इतना था कि उन्होंने मुख्य बस स्टैंड पर टायर जलाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।



घटनास्थल पर पहुंचे मंत्री, जताई सख्त कार्रवाई की बात

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के सहकारिता मंत्री गौतम दक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन व पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेकर सख्त निर्देश दिए कि इस निंदनीय कृत्य में शामिल लोगों की तत्काल पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए।



पुलिस और प्रशासन मौके पर सक्रिय

घटना की सूचना मिलते ही थाना अधिकारी अमृतलाल मीणा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन जनाक्रोश को देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद जिला कलेक्टर आलोक रंजन, पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, पुलिस उपाधीक्षक सरिता सिंह सहित कई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में करने का प्रयास किया।

पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को समझाइश दी कि वे कानून अपने हाथ में न लें, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।



शांति बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू

स्थिति को नियंत्रित करने और शांति बनाए रखने के लिए उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक ने धारा 163 लागू करने के आदेश जारी किए। तहसीलदार गुणवंत माली और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे।

प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया, जिसमें बड़ी सादड़ी डिप्टी देशराज कुलदीप, मंगलवाड़ सीआई भगवान लाल मेघवाल, भदेसर सीआई अनिल शर्मा, जिला विशेष टीम व पुलिस लाइन चित्तौड़गढ़ के जवानों को तैनात किया गया।



कुछ संदिग्ध हिरासत में, पूछताछ जारी

घटना में एक विशेष समुदाय के कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।



ग्रामीणों ने जताई पुरानी घटनाओं पर नाराज़गी

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा कि यह पहली बार नहीं है जब धार्मिक भावना को आहत करने वाली घटना हुई हो। पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं लेकिन कड़ी कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।

इस पर पुलिस उपाधीक्षक सरिता सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस बार कोई कोताही नहीं बरती जाएगी और ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।



ग्रामीणों का संयम, प्रशासन के साथ सहयोग

समझाइश के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त किया और प्रशासन को आश्वासन दिया कि वे कानून अपने हाथ में नहीं लेंगे, लेकिन दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहेंगे।

Editorial

Editorial

Next Story