चिड़ियाघर में दर्शकों को गालियां देकर हंसते थे तोते, ज़ू प्रशासन को करना पड़ा सख्त फैसला...
लिंकनशायर वाइल्डलाइफ पार्क में हकीकत में घटी एक अजीब लेकिन मजेदार घटना है, जहाँ पांच अफ्रीकन ग्रे तोतों को चिड़ियाघर प्रशासन को अलग करना पड़ा, क्योंकि वे लगातार दर्शकों को गालियाँ दे रहे थे... और फिर आपस में मिलकर हँसते भी थे!


सोचिए आप किसी शांत चिड़ियाघर में घूम रहे हों, प्रकृति और पक्षियों की मधुर आवाज़ों का आनंद ले रहे हों… और तभी अचानक एक तोता आपको गाली दे दे — वो भी बिलकुल इंसानों जैसी लहजे में! यही नहीं, उसके साथ के बाकी चार तोते ठहाके लगाकर हँसने लगें, जैसे कोई मज़ेदार मज़ाक चल रहा हो!
जी हाँ, यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि लिंकनशायर वाइल्डलाइफ पार्क में हकीकत में घटी एक अजीब लेकिन मजेदार घटना है, जहाँ पांच अफ्रीकन ग्रे तोतों को चिड़ियाघर प्रशासन को अलग करना पड़ा, क्योंकि वे लगातार दर्शकों को गालियाँ दे रहे थे... और फिर आपस में मिलकर हँसते भी थे!
🔴 कैसे शुरू हुआ यह गालीबाज़ी का खेल?
लिंकनशायर वाइल्डलाइफ पार्क ने हाल ही में पांच अफ्रीकन ग्रे तोतों – बिली, एल्सी, एरिक, जेड और टायसन – को एक साथ अपनाया था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही दिनों में इन तोतों ने चिड़ियाघर में हंगामा मचा दिया।
इन शरारती तोतों ने न केवल गालियां देना शुरू किया, बल्कि वो एकदम सटीक टाइमिंग के साथ ऐसा करते — जैसे दर्शक करीब आते, तो गाली और फिर ज़ोरदार ठहाका!
दर्शकों को आया मज़ा… तो बढ़ी तोतों की हिम्मत
चौंकाने वाली बात ये थी कि अधिकांश दर्शकों ने इन तोतों की बदतमीज़ी को मजाकिया और मनोरंजक माना। वो हँसते, वीडियो बनाते, और यह प्रतिक्रिया तोतों को और भी उत्साहित कर देती। ज़ू कर्मचारियों के अनुसार, ये तोते एक गैंग की तरह व्यवहार करने लगे — जैसे पब में बैठे कुछ पुराने बदमाश दोस्त।
🚫 प्रशासन ने लिया कड़ा फैसला
हालात तब और बिगड़ गए जब इन गालियों की संख्या बढ़ने लगी और कुछ लोग असहज महसूस करने लगे। तब चिड़ियाघर प्रशासन ने इन सभी पांचों तोतों को अलग-अलग पिंजरों में रखने का फैसला लिया, ताकि वे एक-दूसरे को उकसा न सकें।
प्रशासन को उम्मीद है कि अब ये तोते अपने नए परिवेश में रहकर कुछ शालीन और सभ्य बातें सीखेंगे – शायद आसपास के दूसरे पक्षियों से!
🐦 "मानो ये तोते पुराने शराबी दोस्तों की मंडली हों..."
चिड़ियाघर के एक ज़ूकीपर ने मजाक में कहा –
“ये तोते ऐसे बात करते हैं जैसे पुराने ज़माने के बुज़ुर्ग शराबख़ानों में बैठकर ठहाके मारते हों। गाली देने का उनका तरीका इतना 'प्रोफेशनल' था कि कोई भी हँस पड़े।”
🔍 एक सवाल अब भी बरकरार है...
इन तोतों ने आखिर ये गालियाँ कहाँ से सीखी? क्या ये पहले किसी ऐसे माहौल में रहे जहाँ गाली-गलौज आम थी? या फिर इंसानों की नकल करने की उनकी काबिलियत ने उन्हें 'अश्लील कॉमेडियन' बना दिया?
हालाँकि प्रशासन इस बात का जवाब नहीं दे पाया है, लेकिन उनका मानना है कि अलग-अलग रखने से ये आदतें कम होंगी।
📲 सोशल मीडिया पर मच गया तूफान
जैसे ही यह खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर तोतों का यह 'बदमाश गैंग' वायरल हो गया। लोग #SwearingParrots हैशटैग के साथ मीम्स, वीडियो और फनी रिएक्शन शेयर कर रहे हैं।

