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भय और धमकियों से नहीं, मैत्री और क्षमा से मिटेगा डर
By EditorialPublished on
श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा ने मंगलवार को पनवेल जैन स्थानक में श्रद्धालुओं को संबोधित करते कहा कि जिनेश्वर भगवान ने भीतर के डर को पराजित कर हमें निडरता और अहिंसा का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि इस संसार में अब तक जितने भी शासन और व्यवस्थाएँ चलीं, वे अधिकतर डर और धमकियों के बल पर ही चलती रहीं। जो लोग खुद को नेता समझते हैं, वे भी दूसरों को डराकर और धमकाकर राज करना चाहते हैं।

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मुंबई। श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषि मसा ने मंगलवार को पनवेल जैन स्थानक में श्रद्धालुओं को संबोधित करते कहा कि जिनेश्वर भगवान ने भीतर के डर को पराजित कर हमें निडरता और अहिंसा का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि इस संसार में अब तक जितने भी शासन और व्यवस्थाएँ चलीं, वे अधिकतर डर और धमकियों के बल पर ही चलती रहीं। जो लोग खुद को नेता समझते हैं, वे भी दूसरों को डराकर और धमकाकर राज करना चाहते हैं। लेकिन आज का समय बदल गया है। अब डर और धमकियां देर तक लोगों को बांधकर नहीं रख सकतीं। उन्होंने कहा कि जहां डर है, वहां हिंसा है। जहां निडरता है, वहां अहिंसा और शांति है। भगवान का स्मरण हमें निडरता और शांति का अनुभव कराता है। हितेंद्र ऋषि ने सामूहिक जाप करवाया।

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