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मुंबई। मीरा रोड के काशीमीरा पुलिस ने मराठी में बात न करने पर दुकान मालिक की कथित पिटाई करने वाले 7 मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। यह घटना 29 जून को तब हुई जब बाबूलाल चौधरी (48) ने हिंदी में संवाद किया और कहा कि “महाराष्ट्र में सभी भाषाएं बोली जाती हैं।” मनसे कार्यकर्ता प्राथमिक स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में हिंदी पढ़ाने संबंधी शासन निर्णय (जीआर) के हटाए जाने का जश्न मना रहे थे, उसी दौरान यह घटना हुई।
1 जुलाई को मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ शांति भंग, डराने-धमकाने, चोट पहुंचाने और दंगा भड़काने जैसे आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई। एहतियाती कार्रवाई के तहत उन्हें भविष्य में अच्छा आचरण करने का बॉन्ड भी भरवाया गया।
मीरा-भायंदर व्यापारी संघ ने 3 जुलाई को बुलाए गए बंद को केवल चौधरी पर हुए हमले के विरोध में बताया और स्पष्ट किया कि इसका किसी भाषा के विरोध से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने पत्र लिखकर डीसीपी प्रकाश गायकवाड से मांग की कि व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण में काम करने दिया जाए।
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