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गुजरात में महिसागर नदी पर ब्रिज हादसा; कई जिंदगियां खत्म
By EditorialPublished on
गुजरात के महिसागर जिले में बड़ा हादसा हुआ, जहां महिसागर नदी पर बना गंभीरा पुल अचानक ढह गया। इस हादसे में 5 वाहन नदी में गिर गए और 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 212 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। हादसे के बाद इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।

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गुजरात के महिसागर जिले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जब महिसागर नदी पर बना गंभीरा पुल अचानक ढह गया। इस हादसे में 5 वाहन पुल से नदी में गिर गए, जिसमें 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य को समय रहते बचा लिया गया।
बताया जा रहा है कि यह पुल वर्ष 1981 में बनकर 1985 में आम लोगों के लिए खोला गया था। समय के साथ इसकी हालत जर्जर हो गई थी और इस पर मरम्मत की आवश्यकता लंबे समय से जताई जा रही थी। स्थानीय विधायक चैतन्य सिंह झाला ने पुल के खस्ताहाल होने की चेतावनी दी थी और नए पुल के निर्माण की मांग भी की थी, लेकिन बावजूद इसके पुल पर वाहनों की आवाजाही जारी रही।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता : एक सफर
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। नदी में गिरे वाहनों में दो ट्रक पूरी तरह डूब गए, जबकि एक टैंकर आधा लटक गया था। गोताखोरों की मदद से बचाव अभियान चलाया गया और शवों को बाहर निकाला गया।
पुल के गिरने की वजह की जांच के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने तकनीकी विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर भेजी है। सड़क एवं भवन विभाग के सचिव पीआर पटेलिया ने कहा कि उन्हें गंभीरा पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
सरकार ने हादसे के तुरंत बाद 212 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। नए पुल के लिए पहले ही सर्वेक्षण कराया जा चुका है और जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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यह हादसा एक बार फिर पुरानी और कमजोर अधोसंरचनाओं की खस्ताहाली पर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते इस पुल पर आवाजाही रोक दी जाती और नया पुल बनाना शुरू कर दिया जाता, तो शायद इस त्रासदी को टाला जा सकता था।
अब सभी की निगाहें उस जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो पुल गिरने के असली कारणों और लापरवाही के जिम्मेदारों का खुलासा करेगी। देखना होगा कि सरकार दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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