उत्तराखंड फिर कांपा; उत्तरकाशी में भूकंप के झटके!
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार, 8 जुलाई को सुबह भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए। आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे था और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई। झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों की ओर भागे। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली है।

भूकंप के झटकों से सहमे लोग :
स्थानीय लोगों के अनुसार, भूकंप के झटके कुछ ही सेकंड के लिए महसूस हुए लेकिन इससे डर का माहौल बन गया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी भूकंप के झटकों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर खड़े हो गए। कुछ क्षेत्रों में लोग प्रार्थना करते भी नजर आए।
वैज्ञानिक संस्थानों ने भी दी पुष्टि :
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने सोशल मीडिया साइट 'X' (पहले ट्विटर) के जरिए भी उत्तरकाशी में आए इस भूकंप की जानकारी साझा की। केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी में जमीन के भीतर पांच किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
पहले भी आ चुके हैं झटके :
उत्तराखंड भूकंप संभावित क्षेत्रों में शामिल है और यहाँ समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले राज्य के अल्मोड़ा जिले में भी इसी साल भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस वक्त भूकंप की तीव्रता 3.4 मापी गई थी और वह भी 5 किलोमीटर की गहराई में केंद्रित था। अल्मोड़ा में भी लोगों ने झटकों को महसूस कर घबराहट के चलते अपने घरों से बाहर निकलने में ही भलाई समझी थी।
मेरठ में भी महसूस किए गए थे झटके :
उत्तराखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में भी हाल ही में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। 1 जून को मेरठ में सुबह 8:44 बजे भूकंप आया था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 2.7 थी और इसका केंद्र मेरठ जिले के आसपास के इलाके में था। उस समय भी भूकंप का केंद्र 5 किलोमीटर गहराई में था। हल्के झटके होने के बावजूद स्थानीय लोगों ने इन्हें महसूस किया और सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की थी।
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लगातार भूकंप से बढ़ी चिंता :
उत्तराखंड, हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन में आता है। यहाँ टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के लिहाज से उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, और अल्मोड़ा जैसे जिले अधिक संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग हमेशा सतर्क रहते हैं।
प्रशासन ने की सतर्कता की अपील :
उत्तरकाशी प्रशासन और आपदा कंट्रोल रूम ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें। अभी तक किसी नुकसान की खबर नहीं है लेकिन एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
Editorial

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