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400 के सपने पर लगा ब्रेक; मुल्डर 367 पर नाबाद लौटे!
By EditorialPublished on
दुनियाभर के क्रिकेट फैंस जिस सवाल का जवाब ढूंढ रहे थे, उसका खुलासा खुद वियान मुल्डर ने कर दिया है। मुल्डर ने बताया कि उन्होंने ब्रायन लारा के 400 रनों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को क्यों नहीं तोड़ा और आखिर क्यों 367 रन पर ही पारी घोषित कर दी।

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जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज वियान मुल्डर ने एक ऐतिहासिक पारी खेली। उन्होंने महज 334 गेंदों में नाबाद 367 रन बना दिए, जिसमें 49 चौके और चार छक्के शामिल थे। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर थीं कि क्या मुल्डर ब्रायन लारा के 400 रनों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे। लेकिन सभी को चौंकाते हुए मुल्डर ने पारी 625/6 के स्कोर पर घोषित कर दी और 367 रन पर नाबाद लौटे।
इस फैसले के बाद क्रिकेट फैंस से लेकर विशेषज्ञों तक के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर मुल्डर ने रिकॉर्ड के इतने करीब पहुंचकर भी ऐसा क्यों किया। अब इस सवाल का जवाब खुद मुल्डर ने दिया है और इसके पीछे की वजह भी बेहद दिलचस्प है।
मुल्डर ने खुद बताई वजह :
टेस्ट के दूसरे दिन के खेल के बाद मीडिया से बातचीत में मुल्डर ने कहा, “पहली बात तो ये कि मुझे लगा कि हमने टीम के लिए पर्याप्त रन बना लिए हैं और अब गेंदबाजों को मौका देना चाहिए। टेस्ट मैच जीतना मेरे लिए किसी व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा अहम है।”
उन्होंने आगे कहा, “दूसरी बात, ब्रायन लारा क्रिकेट के लीजेंड हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 400 रन बनाकर इतिहास रचा था। ऐसे रिकॉर्ड बड़े खिलाड़ियों के पास ही रहने चाहिए। मैं नहीं चाहता कि मैं अपने नाम के लिए इतिहास के इस हिस्से को बदल दूं। अगर मुझे दोबारा ऐसा मौका मिले, तब भी मैं शायद यही फैसला लूंगा।”
कोच ने भी दी थी यही सलाह :
मुल्डर ने बताया कि उन्होंने साउथ अफ्रीका के हेड कोच शुक्री कॉनरैड से भी इस बारे में बात की थी। “मैं शुक्स (शुक्री कॉनरैड) से बात कर रहा था और उन्होंने भी कहा कि कुछ रिकॉर्ड ऐसे होते हैं जो खास खिलाड़ियों के पास ही रहने चाहिए। मैंने वही किया जो मुझे सही लगा।”
मुल्डर की पारी बनी चर्चा का विषय :
मुल्डर की इस पारी ने क्रिकेट जगत में उनकी परिपक्वता और टीम के प्रति समर्पण को दर्शाया है। सिर्फ 334 गेंदों में 367 रन बनाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन पारी घोषित करने का फैसला उन्हें और खास बनाता है। उनकी इस सोच ने उन्हें फैंस और पूर्व खिलाड़ियों की तारीफ का पात्र बना दिया है।
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ब्रायन लारा का रिकॉर्ड अभी भी अटूट :
ब्रायन लारा ने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ 400 रन नाबाद की पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बनाया था। अब भी यह रिकॉर्ड सुरक्षित है और लारा टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोरर बने हुए हैं।
क्या भविष्य में मुल्डर तोड़ेंगे रिकॉर्ड ?
जब मुल्डर से पूछा गया कि क्या वह भविष्य में इस रिकॉर्ड को तोड़ना चाहेंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “कभी नहीं कह सकते कि भविष्य में क्या होगा, लेकिन अगर ऐसा मौका आया तो मैं टीम के हित में ही फैसला करूंगा।” मुल्डर के इस फैसले ने दिखा दिया कि कभी-कभी टीम और खेल की भावना व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर होती है। यही सोच किसी खिलाड़ी को बड़ा बनाती है।

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