निशिकांत दुबे के बयान पर MNS का तंज;
महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) का 8 जुलाई को किया गया प्रदर्शन खत्म हो गया। इस दौरान पार्टी नेता संदीप देशपांडे ने केंद्र सरकार और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में क्या होगा, ये फैसला मराठी लोग करेंगे, न कि बाहर से आए लोग।
'कोई दुबे, छुबे और पौबे फैसला नहीं करेंगे' :
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में संदीप देशपांडे ने कहा, "ये सब बीजेपी का खेल है, ताकि वे बिहार चुनाव में फायदा उठा सकें। वे महाराष्ट्र में अशांति फैलाना चाहते हैं। लेकिन मैं साफ कर देना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में क्या होगा, ये महाराष्ट्र के लोग तय करेंगे, बिहार से कोई दुबे, छुबे और पौबे नहीं।"
प्रदर्शन में दिखी मराठी एकता :
देशपांडे ने कहा कि यह प्रदर्शन बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के आयोजित किया गया था। मराठी मानुष अपनी ताकत दिखाने के लिए एकजुट हुए थे। उन्होंने कहा, "ये महाराष्ट्र है और यहां मराठी लोगों को ही प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। ये तरीका सही नहीं है। हमने अपनी ताकत दिखा दी है।"
पुलिस कार्रवाई पर विवाद :
मीरा भयंदर इलाके में रैली शुरू होने से पहले ही पुलिस ने MNS के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मराठी एकीकरण समिति द्वारा प्रस्तावित रैली में शामिल होने पहुंचे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया था।
सीएम फडणवीस का बयान :
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि रैली के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन MNS ने जिस मार्ग पर रैली निकालने की जिद की, उससे कानून व्यवस्था की समस्या हो सकती थी। इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कार्रवाई की।
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मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया गलत :
हालांकि, राज्य के मंत्री प्रताप सरनाईक ने पुलिस की कार्रवाई को अनुचित ठहराते हुए कहा कि यह कदम सरकार के निर्देशों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का हक है।
क्या खत्म होगा विवाद ?
भाषा के मुद्दे पर महाराष्ट्र में सियासत अभी थमती नजर नहीं आ रही है। एक तरफ MNS मराठी भाषा के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए हुए है, तो दूसरी तरफ सरकार कानून-व्यवस्था का हवाला देकर प्रदर्शन पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।
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