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भारत में रातोंरात हिला पूरा इलाका; भूकंप ने मचाई दहशत
By EditorialPublished on
एक बार फिर धरती हिली और लोग दहशत में आ गए। ताजा भूकंप के झटकों ने इलाके में खौफ का माहौल बना दिया। राहत की बात ये रही कि इस झटके से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। गौरतलब है कि बीते एक महीने में देश के कई हिस्सों में भूकंप महसूस किए जा चुके हैं, जिससे लोगों में चिंता लगातार बनी हुई है।

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बीते कुछ हफ्तों से पूरी दुनिया में भूकंप की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला भारत के असम राज्य का है, जहां मंगलवार सुबह भूकंप के झटकों ने लोगों को हिला कर रख दिया। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) की रिपोर्ट के मुताबिक, असम के मांजा इलाके में सुबह करीब 9:22 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई। राहत की बात ये रही कि अब तक किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
असम में पहले भी महसूस किए जा चुके हैं झटके :
इस साल असम में यह पहला भूकंप नहीं है। इससे पहले फरवरी 2025 में भी असम के गुवाहाटी, नागांव और तेजपुर सहित कई हिस्सों में 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। उस समय भी लोग डरे-सहमे घरों से बाहर निकल आए थे, लेकिन जानमाल की हानि से राहत मिली थी।
नेपाल और पाकिस्तान भी भूकंप से कांपे :
भारत के पड़ोसी देशों नेपाल और पाकिस्तान में भी हाल के दिनों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। 30 जून को नेपाल में 3.9 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए थे। हालांकि, वहां भी किसी तरह की क्षति की सूचना नहीं मिली।
वहीं पाकिस्तान में 29 जून को तड़के 3:54 बजे 5.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में लोग अचानक आए इस भूकंप से घबरा गए थे, मगर किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई।
भारत में इतिहास में भी आए हैं घातक भूकंप :
- भारत में पहले भी कई बार विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं, जिन्होंने भारी तबाही मचाई थी।
- जनवरी 2001 में गुजरात के भुज में आए भूकंप ने हजारों लोगों की जान ले ली और लाखों लोग बेघर हो गए।
- 2005 में कश्मीर में आए भूकंप ने भी बड़ी संख्या में जानमाल का नुकसान पहुंचाया था।
- 2011 में सिक्किम में 6.9 तीव्रता के भूकंप ने भी राज्य के कई हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया था।
- मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर के राज्य भी समय-समय पर भूकंप की चपेट में आते रहे हैं।
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वैज्ञानिकों की चेतावनी :
भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इंडो-एशियन टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल के कारण भारत के उत्तर-पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

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