भीलवाड़ा ज़िले के शाहपुरा कस्बे से सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। रामपुरा बस्ती में उम्मेद सागर रोड स्थित पानी की टंकी के पास सड़क किनारे एक नवजात शिशु का भ्रूण पड़ा हुआ मिला, जिसे आवारा कुत्ते नो


भीलवाड़ा
भीलवाड़ा ज़िले के शाहपुरा कस्बे से सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। रामपुरा बस्ती में उम्मेद सागर रोड स्थित पानी की टंकी के पास सड़क किनारे एक नवजात शिशु का भ्रूण पड़ा हुआ मिला, जिसे आवारा कुत्ते नोच रहे थे। इस वीभत्स दृश्य को देखने वाले लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद शाहपुरा थाने की टीम मौके पर पहुंची और भ्रूण को कब्जे में लेकर राजकीय अस्पताल भेजा।

पुलिस जांच में जुटी, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस के अनुसार, भ्रूण लगभग 8 से 9 महीने का प्रतीत हो रहा है, यानी यह शिशु लगभग पूर्ण विकसित अवस्था में था। डॉक्टरों की प्रारंभिक राय के अनुसार, यह भ्रूण जन्म के बाद फेंका गया हो सकता है, हालांकि यह भी आशंका है कि इसे पहले कहीं गाड़ा गया था और बाद में कुत्तों ने जमीन खोदकर बाहर निकाल लिया हो। फिलहाल पुलिस ने भ्रूण को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है और डॉक्टरों की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि भ्रूण जीवित पैदा हुआ था या मरा हुआ।


पिछले सप्ताह भी हुआ था ऐसा ही एक मामला

चौंकाने वाली बात यह है कि शाहपुरा क्षेत्र में यह घटना बीते सप्ताह की दूसरी ऐसी वारदात है। इससे पहले भी एक भ्रूण फेंका गया था, जिस पर पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन अब तक उस महिला की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस का मानना है कि यह भी उसी तरह का मामला हो सकता है, जहां किसी कुमाता (मां) ने सामाजिक दबाव या अविवाहित गर्भधारण की स्थिति में नवजात को फेंक दिया हो।


इलाके में दहशत और आक्रोश

स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज के गिरते नैतिक स्तर को दर्शाती हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


पुलिस की अपील और अगला कदम

शाहपुरा थाना प्रभारी ने जनता से अपील की है कि अगर किसी को इस भ्रूण के संबंध में कोई जानकारी हो, तो पुलिस को सूचित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि आस-पास के अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और दवाखानों से भी जानकारी जुटाई जा रही है कि हाल ही में किसी महिला ने प्रसव के बाद बच्चे को कहीं नहीं छोड़ा या संदिग्ध गतिविधि नहीं की।



इस तरह की घटनाएं न केवल सामाजिक संवेदनाओं को झकझोरती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि समाज में अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो भ्रूण हत्या या नवजात की हत्या जैसे घृणित कृत्य कर रहे हैं। जरूरत है कि लोगों में नैतिकता, जागरूकता और महिला‑सशक्तिकरण की भावना को और मज़बूत किया जाए ताकि ऐसी शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Editorial

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