AJL को बचाने ये  नया मोड़; राहुल के वकील का बयान सुर्खियों में
नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट आर.एस. चीमा ने शनिवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम दलीलें पेश कीं। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आरोपों का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का मकसद एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को बेचना नहीं था, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े इस ऐतिहासिक संस्थान को बचाना था।
AJL की विरासत पर कांग्रेस का दावा :
वकील चीमा ने कोर्ट में कहा कि AJL की नींव 1937 में पंडित जवाहरलाल नेहरू, जेबी कृपलानी, रफी अहमद किदवई समेत कई स्वतंत्रता सेनानियों ने रखी थी। AJL का मेमोरेंडम ऑफ असोसिएशन (MOA) साफ कहता है कि यह संस्था भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीति के अनुरूप काम करती है और कभी व्यावसायिक संस्था की तरह नहीं चली। उन्होंने कहा कि AJL एक मिशन से जुड़ी संस्था रही है, न कि मुनाफा कमाने वाली कंपनी।
ED के आरोपों पर सवाल :
ईडी ने इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत मोतीलाल वोरा, आस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। ईडी का दावा है कि यंग इंडिया में सोनिया और राहुल की 76% हिस्सेदारी है और सिर्फ 90 लाख रुपये में 90 करोड़ का कर्ज लेकर उन्होंने AJL की पूरी संपत्ति पर नियंत्रण पा लिया।
कांग्रेस का बचाव :
राहुल गांधी के वकील ने कहा कि कांग्रेस पार्टी AJL को बंद नहीं करना चाहती थी, बल्कि उसे फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि मोतीलाल वोरा पार्टी के कोषाध्यक्ष और AJL के प्रमुख थे, इसलिए वित्तीय फैसले वही लेते थे।
ED की मंशा पर उठाए सवाल :
वकील चीमा ने सवाल किया कि क्या ED किसी भी व्यक्ति की निजी शिकायत पर इतनी गंभीर जांच शुरू कर सकती है? उन्होंने कहा कि ऐसा कोई और मामला नहीं मिला है जिसमें सिर्फ राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते इतनी गहराई से जांच की गई हो।
अभी प्रातःकाल Telegram चैनल को Subscribe करें और बनें ₹25,000 के लकी विनर!
सोनिया गांधी की ओर से दलील पूरी :
इससे पहले सोनिया गांधी की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने अपनी दलीलें पूरी कर लीं। वहीं ED की ओर से ASG ने दावा किया था कि गांधी परिवार यंग इंडिया का मुख्य लाभार्थी है और अन्य शेयरहोल्डर्स के निधन के बाद उन्होंने कंपनी पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया।
अगली सुनवाई 7 जुलाई को :
अब इस मामले में अगली सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट में 7 जुलाई को होगी, जहां दोनों पक्षों की दलीलें और मजबूत तर्क सामने आने की संभावना है।
Editorial

Editorial

Next Story