राजस्थान के नागौर जिले के नावां थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ राजू जाट को मादक पदार्थों की तस्करी के लिए वाहन उपलब्ध कराने के गंभीर आरोप में भीलवाड़ा की पुर थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने संयुक्त कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि राजू जाट पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था और उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।


अफीम डोडा से भरी लावारिस पिकअप से खुला राजू जाट का राज

यह मामला 8 फरवरी 2023 का है, जब पुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग NH-48 पर स्थित ग्रीड के पास एक पिकअप गाड़ी लावारिस हालत में खड़ी है। सूचना मिलने पर तत्कालीन थानाधिकारी राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और पिकअप वाहन की तलाशी ली। वाहन के भीतर 215 किलोग्राम अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ। यह खेप किसी बड़ी तस्करी का हिस्सा थी।


फर्जी नंबर प्लेट और चोरी की गाड़ी से तस्करी

तलाशी के बाद पुलिस को शक हुआ कि वाहन पर अंकित रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी हो सकता है। इसके बाद इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर जब गहन जांच की गई, तो यह स्पष्ट हुआ कि यह गाड़ी चोरी की है। इसका चोरी का मामला जयपुर के चोमूं थाने में दर्ज पाया गया। यानि न केवल नशीले पदार्थ की तस्करी हो रही थी, बल्कि उसमें इस्तेमाल हो रहा वाहन भी अवैध था।


तस्करी गिरोह के अन्य आरोपी भी दबोचे गए

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस गाड़ी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  • हरिकिशन पुत्र रामकरण गुर्जर, निवासी हांसियावास बबायच्या, अजमेर

  • कालू मोहम्मद पुत्र फातु खां, निवासी बबायच्या

  • नंदलाल उर्फ नंदा पुत्र सोदान गुर्जर, निवासी हांसियावास, अजमेर

  • कालूराम पुत्र अणदा राम कस्वा जाट, निवासी कस्बा की ढाणी, थांवला, नागौर

इन सभी से जब पुलिस ने गहन पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि उक्त चोरी की पिकअप गाड़ी को मादक पदार्थों की तस्करी के लिए राजेंद्र उर्फ राजू जाट ने उपलब्ध कराया था।


राजू जाट: हिस्ट्रीशीटर, वाहन चोर और पोक्सो आरोपी

पुलिस ने जब आरोपी राजू जाट का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला तो चौकाने वाली जानकारी सामने आई:

  • उस पर वाहन चोरी के 6 प्रकरण दर्ज हैं

  • उस पर पोक्सो एक्ट (बाल यौन अपराध कानून) का 1 प्रकरण भी दर्ज है

  • वह नावां थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर है

  • लंबे समय से वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था

गुप्त सूचना से मिली सफलता, डीएसटी ने दबोचा

राजू जाट की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी। भीलवाड़ा जिला स्पेशल टीम को हाल ही में राजू की लोकेशन संबंधी पुख्ता सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने सुरक्षित तरीके से पीछा कर उसे धर दबोचा।

पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पुर थाना प्रभारी और DST की संयुक्त योजना का परिणाम है, जिसने इस लंबे समय से लंबित मामले में सफलता दिलाई।


तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा होने का संदेह

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजू जाट महज वाहन उपलब्ध कराने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है। इस संबंध में उससे पूछताछ जारी है, और संभावना जताई जा रही है कि वह कई अन्य नशीली पदार्थों की खेप और तस्करी की कड़ियों को उजागर कर सकता है।


राजस्थान में बढ़ती नशे की समस्या पर सवाल

राजू जाट जैसे हिस्ट्रीशीटरों की गिरफ्तारी एक तरफ जहां पुलिस की बड़ी उपलब्धि है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठाती है कि राजस्थान के विभिन्न जिलों में नशे का अवैध व्यापार किस स्तर तक फैला हुआ है। चोरी के वाहन, फर्जी नंबर प्लेट और संगठित गिरोह – ये सभी इस बात की पुष्टि करते हैं कि नशे का यह धंधा सुनियोजित रूप से संचालित किया जा रहा है।


Editorial

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