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राहुल गांधी का हमला; ट्रंप के आगे बेबस मोदी सरकार!
By EditorialPublished on
अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ डेडलाइन के सामने झुक जाएगी, चाहे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल कितने भी बड़े दावे क्यों न करें। राहुल का यह बयान भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। इस बार उन्होंने अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को निशाने पर लिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तय समयसीमा के आगे झुक जाएगी, चाहे केंद्रीय मंत्री कितने भी दावे क्यों न करें।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा, “पीयूष गोयल चाहे जितना सीना ठोक लें, मेरी बात लिख लीजिए, मोदी ट्रंप की टैरिफ डेडलाइन के सामने चुपचाप झुक जाएंगे।” उनके इस बयान से साफ है कि कांग्रेस मोदी सरकार की विदेश व्यापार नीति पर सवाल उठाती रही है और अब अमेरिका के साथ चल रही टैरिफ डील को लेकर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही।
अमेरिका से बढ़ता टैरिफ विवाद :
दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक शुल्क (टैरिफ) को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर जवाबी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। ट्रंप प्रशासन ने भारत से आयात होने वाले कुछ सामानों पर 26% तक का टैरिफ लगाने का फैसला लिया था। हालाँकि, भारत और अमेरिका के बीच बातचीत के चलते इन टैरिफ को अस्थायी रूप से 90 दिनों के लिए टाल दिया गया था। लेकिन अब यह छूट 9 जुलाई को खत्म होने वाली है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव फिर से गहरा सकता है।
विपक्ष लगातार उठा रहा सवाल :
कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि मोदी सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है और भारत के आर्थिक हितों की अनदेखी कर रही है। विपक्ष का कहना है कि सरकार अमेरिका के सामने मजबूरी में झुकेगी और भारत के व्यापारिक हितों को नुकसान होगा। राहुल गांधी के ताजा बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
पीयूष गोयल ने क्या कहा था ?
वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कुछ दिन पहले साफ कहा था कि भारत अपने व्यापारिक समझौते अपनी शर्तों पर करता है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका, यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, ओमान, चिली और पेरू जैसे देशों के साथ बातचीत कर रहा है और जब तक किसी डील में भारत के हित सुरक्षित नहीं होते, तब तक कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गोयल ने यह भी कहा कि भारत किसी भी देश की डेडलाइन के दबाव में आकर समझौता नहीं करता। उन्होंने कहा, “हम तभी डील करते हैं जब वह देश और हमारे उद्योग दोनों के लिए फायदेमंद हो।”
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9 जुलाई है अहम तारीख :
जानकारों के मुताबिक, 9 जुलाई को टैरिफ छूट की डेडलाइन खत्म हो रही है। ऐसे में यदि भारत और अमेरिका के बीच किसी तरह का समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लागू कर सकता है। इससे भारत के निर्यातकों पर असर पड़ सकता है और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में खटास आ सकती है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में मोदी सरकार अमेरिका के साथ क्या रुख अपनाती है और विपक्ष के आरोपों का क्या जवाब देती है।

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