913 करोड़ का बड़ा ऑर्डर; इस कंपनी के शेयर हैं मालामाल
इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी हजूर मल्टी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (HMPL) को एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ है, जिसकी कीमत कंपनी के मौजूदा मार्केट कैप से भी ज्यादा है। कंपनी को गुजरात में 200 मेगावाट ग्रिड से जुड़ी सौर फोटोवोल्टिक (PV) परियोजना के लिए 913 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट के लिए अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (पहले अपोलो इंटरनेशनल लिमिटेड) ने कंपनी को लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) जारी किया है।
क्या काम करना है कंपनी को ?
यह प्रोजेक्ट इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (EPC) कॉन्ट्रैक्ट के तहत मिला है। इसके तहत कंपनी को गुजरात के खावड़ा (स्टेज-3) में गुजरात स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GSECL) के रिन्यूएबल एनर्जी सोलर पार्क में 200 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट का डिजाइन, सप्लाई, कंस्ट्रक्शन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम मार्च 2026 तक पूरा करना होगा।
कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को दी गई अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा है कि इस ऑर्डर में प्रमोटरों या किसी ग्रुप कंपनी का कोई संबंधित पक्ष हित (Related Party Interest) नहीं है और यह पूरी तरह से स्वतंत्र डील है।
शेयर में हल्की तेजी, आगे और बढ़त की उम्मीद :
शुक्रवार (4 जुलाई) को ट्रेडिंग सेशन में हजूर मल्टी प्रोजेक्ट्स के शेयर 1.28% की तेजी के साथ 39.67 रुपये पर बंद हुए। सितंबर 2024 में इसका शेयर 63.90 रुपये के उच्च स्तर पर था, जो मार्च 2025 में गिरकर 32 रुपये तक आ गया था। अब इस बड़े ऑर्डर के बाद शेयर में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
कारोबार का विस्तार भी जारी :
हजूर मल्टी प्रोजेक्ट्स अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार भी कर रही है। हाल ही में कंपनी ने व्योम हाइड्रोकार्बन प्राइवेट लिमिटेड (VHPL) में 51% हिस्सेदारी खरीदी है। इस डील की कीमत 1 लाख रुपये से थोड़ी अधिक है। इस अधिग्रहण के जरिए कंपनी ऑयल, गैस, माइनिंग और पर्यावरण इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी में है।
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मार्केट कैप से बड़ा ऑर्डर :
गौरतलब है कि हजूर मल्टी प्रोजेक्ट्स का मौजूदा मार्केट कैप करीब 866 करोड़ रुपये है, जबकि उसे मिला ऑर्डर 913 करोड़ रुपये का है। यानी कंपनी को मिला ऑर्डर उसके बाजार मूल्य से भी बड़ा है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत हो सकता है। अब देखना होगा कि इस प्रोजेक्ट की प्रगति और कारोबारी विस्तार से कंपनी के शेयर बाजार में क्या असर पड़ता है।
Editorial

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