Haidrabad
हैदराबाद। संस्कार मंच प्रणेता उप-प्रवर्तक सिद्धार्थ मुनि मसा एवं डॉ सौम्याश्री मसा, तीर्थश्री मसा विधीश्री मसा आदि ठाणा के सानिध्य में चातुर्मास प्रवेश कामरेड्डी (तेलंगाना) में हुआ। अहिंसा रेली जैन भवन से रवाना होकर शहर के विभिन्न मार्गो से होते हुए प्रवचन स्थल पहुंची। शांतादेवी महिला मंडल ने मंगलाचरण एवं स्वागत गीत सुनीता बहू मंडल ने किया। धर्मसभा में सिद्धार्थ मुनि मसा ने कहा कि चातुर्मास जीवन को उज्जवल करने के लिए आता है। धर्म ध्यान जप तप की आराधना नहीं करेंगे तो अपना जीवन सफल नहीं होगा। चातुर्मास को यादगार बनाना है तो 4 महीने धर्म ध्यान साधना करके अपने कर्मों की निर्जरा करनी है। उन्होंने नई शाखा कामारेड्डी मंच के नाम व पदो की घोषणा की। साध्वी सौम्याश्री मसा ने कहा कि चातुर्मास आत्मा की शुद्धि जीवन में संयम साधना और अनुशासन का समावेश करने का समय है। गुरुदेव ललितप्रभ मसा ने चातुर्मास की विस्तृत जानकारी दी। जैन संस्कार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंगलचंद खारीवाल, कामारेड्डी मंच अध्यक्ष मनोज बोहरा, मंत्री यश बोहरा ने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर देश भर से श्रावक श्राविकाओं की उपस्थिति रही। 2026 के चातुर्मास के आग्रह के लिए जैन संस्कार मंच फाउंडेशन के राष्ट्रीय मार्गदर्शक किशनलाल लोढ़ा, अध्यक्ष मंगलचंद खारीवाल, कार्याध्यक्ष प्रवीण चोरोडिया, महामंत्री धर्मेंद्र सिसोदिया, भिवंडी मंच से महावीर बाबेल, दिलीप गांधी, अशोक बाफना, धारावी से प्रवीण विनायकीया आदि ने विनती रखी। प्रवेश सफल बनाने संघ के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यगण के साथ महिला मंडल, बालिका मंडल, विहार सेवा ग्रुप, जैन संस्कार मंच एवं चातुर्मास के सभी लाभार्थी परिवारों के साथ सभी सदस्यों का अभिनंदन किया गया। संचालन संघ मंत्री दिलीपचंद बोहरा ने किया। अध्यक्ष कमलचंद सिसोदीया ने आभार व्यक्त किया। यह जानकारी महेशचंद्र पिजा ने दी।
Editorial

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