लोकसभा में गरजे गोयल; भारत के हित सर्वोपरि
Piyush Goyal on Trump Tariffs 2025 :
अमेरिका द्वारा भारत से होने वाले निर्यात पर 25% टैरिफ लागू करने के ऐलान के बाद, भारत सरकार ने इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार (31 जुलाई, 2025) को लोकसभा में इस विषय पर विस्तार से बयान देते हुए कहा कि सरकार अमेरिका के इस निर्णय से होने वाले संभावित असर का मूल्यांकन कर रही है और देश के राष्ट्रीय और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।
भारत को झटका, पर सरकार तैयार :
पीयूष गोयल ने कहा, “हम अपने घरेलू उद्योगों, व्यापारिक हितों और रोजगार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिका द्वारा लिए गए निर्णय का हर पहलू से आकलन किया जा रहा है। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है और हम किसी भी दबाव में नहीं आएंगे।”
ट्रंप का आदेश और टैरिफ स्ट्रक्चर :
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल 2025 को रेसिप्रोकल टैरिफ (प्रतिस्पर्धी शुल्क) पर एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) जारी किया था, जिसके तहत भारत पर 10% बेसलाइन टैरिफ के साथ कुल 26% टैरिफ लगाने की घोषणा की गई थी। हालांकि इस आदेश को 90 दिनों के लिए और फिर 1 अगस्त तक के लिए निलंबित कर दिया गया था। अब इसे लागू करने की समयसीमा समाप्त हो रही है, जिससे भारत की चिंताएं बढ़ गई हैं।
ट्रेड डील की बातचीत का विवरण :
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर मार्च 2025 से बातचीत जारी है। इस डील को अक्टूबर-नवंबर 2025 तक अंतिम रूप देने की योजना है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कई बैठकें हुई हैं, जिनमें से पहली दिल्ली में और बाकी बैठकें वाशिंगटन डीसी में हुईं। साथ ही कई वर्चुअल मीटिंग्स भी आयोजित की गईं।
गोयल ने बताया कि इस डील का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत इस समझौते के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह तभी संभव है जब भारत के हितों की अनदेखी न की जाए।
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क्या है आगे की रणनीति ?
सरकार का रुख स्पष्ट है—अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला रहेगा, लेकिन अगर भारत के हितों को नुकसान पहुंचता है, तो काउंटर टैरिफ या वैकल्पिक व्यापार मार्गों पर भी विचार किया जाएगा। गोयल ने यह संकेत भी दिया कि WTO (विश्व व्यापार संगठन) के नियमों के तहत भारत अपने हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का भी सहारा ले सकता है।
Piyush Goyal on Trump Tariffs 2025 बयान से यह साफ है कि भारत सरकार अमेरिका की आक्रामक व्यापार नीति को हल्के में नहीं ले रही है। ट्रंप प्रशासन द्वारा टैरिफ लगाए जाने से जहां व्यापारिक संबंधों में अस्थिरता आई है, वहीं भारत इस चुनौती को रणनीतिक संयम और दृढ़ता के साथ संभालने को तैयार है। अब निगाहें अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित ट्रेड डील के पहले चरण पर हैं, जिससे इस टकराव को संतुलन मिल सकता है।
Editorial

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