Dhadak 2 Movie Review 2025: धड़क 2 ने मचाया धमाल; सिद्धांत-तृप्ति की जोड़ी छा गई
Dhadak 2 Movie Review 2025:
सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी स्टारर ‘धड़क 2’ 1 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है और इससे पहले ही यह फिल्म सोशल और सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है। तमिल फिल्म ‘पैरियेरुम पेरुमल’ के हिंदी अडैप्टेशन के रूप में बनी यह फिल्म केवल एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि एक सामाजिक टिप्पणी है, जो जाति व्यवस्था, बराबरी और शिक्षा की शक्ति पर गहरी बात करती है।
कहानी में सामाजिक सच्चाई का आईना :
फिल्म की कहानी एक ब्राह्मण लड़की विधि (तृप्ति डिमरी) और दलित लड़के नीलेश (सिद्धांत चतुर्वेदी) की है। दोनों लॉ कॉलेज में मिलते हैं और प्यार हो जाता है। लेकिन जब विधि अपने परिवार में नीलेश को शामिल करने की कोशिश करती है, तब जातिगत असमानता और सामाजिक भेदभाव सामने आता है। नीलेश की जिंदगी अचानक नर्क बन जाती है और यहीं से शुरू होती है फिल्म की असली ताकत।
दमदार परफॉर्मेंस का असर :
सिद्धांत चतुर्वेदी ने नीलेश के किरदार में एक गहराई और सच्चाई भरी है जो अब तक उनके करियर का बेस्ट परफॉर्मेंस कहा जा सकता है। वह एक डरे हुए, लेकिन अपने अधिकारों के लिए लड़ने वाले युवक के रूप में छा जाते हैं। वहीं तृप्ति डिमरी एक नॉन-ग्लैमरस रोल में लौटती हैं और यह साबित करती हैं कि वह सिर्फ स्क्रीन प्रेजेंस नहीं, बल्कि एक्टिंग से भी प्रभावित कर सकती हैं।
सपोर्टिंग कास्ट भी शानदार है—सौरभ सचदेवा ने निगेटिव शेड्स के साथ दमदार छाप छोड़ी है, जबकि जाकिर हुसैन और विपिन शर्मा जैसे अनुभवी कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं में गहराई ला दी है।
लेखन और निर्देशन में ईमानदारी :
फिल्म की राइटिंग राहुल बाडवेलकर और शाजिया इकबाल ने की है, वहीं डायरेक्शन भी शाजिया के ही हाथों में है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह रोमांस के बजाय समाज की असल समस्याओं पर ध्यान देती है। शिक्षा, जाति आधारित भेदभाव और न्याय व्यवस्था जैसे मुद्दों को बेहद संवेदनशीलता और सच्चाई के साथ पेश किया गया है।
कुछ दृश्य जैसे डीन (जाकिर हुसैन) द्वारा दलित पृष्ठभूमि से आए बच्चों को शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने की प्रेरणा, या नीलेश का वकील बनने का संकल्प – सीधे दिल और दिमाग पर असर डालते हैं।
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म्यूजिक और टेक्निकल पक्ष :
फिल्म का म्यूजिक जावेद मोहसिन और रश्मि विराग ने दिया है। टाइटल ट्रैक "धड़क" की धुन बार-बार आती है और फिल्म की भावनाओं को और गहराई देती है। हालांकि पूरा गाना फिल्म में शामिल नहीं किया गया, जो थोड़ा खलता है। बाकी टेक्निकल पक्ष जैसे सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग भी संतुलित और प्रभावी हैं।
Dhadak 2 Movie Review 2025 के तहत यह फिल्म न सिर्फ एंटरटेनमेंट देती है बल्कि दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। जाति, शिक्षा, सामाजिक असमानता जैसे विषयों पर बनी यह फिल्म करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस की एक अलग और साहसिक कोशिश है। अगर आप सिनेमा को सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम मानते हैं, तो ‘धड़क 2’ जरूर देखनी चाहिए।
रेटिंग: ⭐⭐⭐½ (3.5/5)
Editorial

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