मुजफ्फरनगर के एक इलाके में बीते कुछ दिनों से रात के समय आसमान में उड़ती लाल और हरी रोशनी ने सभी को चौंका दिया था। लोगों को लगा कि ये कोई संदिग्ध ड्रोन गतिविधि है। रात के सन्नाटे में आसमान में चमकते इन ‘ड्रोन’ जैसे उड़न वस्तुओं ने जहां आम नागरिकों को भयभीत कर दिया, वहीं पुलिस भी हाई अलर्ट पर आ गई। हर तरफ चर्चा थी कि कोई ड्रोन इलाके में घूम रहा है, जो शायद निगरानी के लिए इस्तेमाल हो रहा है या किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल है।

पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर देर रात तक सर्च अभियान चलाया। कई बार आसमान की ओर देखने के बाद भी पुलिस को कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया। लेकिन जब लगातार कुछ रातों तक यही घटना दोहराई गई, तो पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और बारीकी से निगरानी शुरू की।


जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सामने आई हैरान कर देने वाली सच्चाई।

पुलिस को जानकारी मिली कि यह रहस्यमयी उड़न वस्तु कोई ड्रोन नहीं, बल्कि लाइट लगे कबूतर थे — जिनके पंजों में लाल और हरी LED लाइट बांधकर उन्हें रात के अंधेरे में उड़ाया जा रहा था। कबूतर की गति और दिशा ऐसी थी कि उन्हें रात में ऊँचाई से देखकर कोई भी ड्रोन समझ सकता था। उनकी हरकतें, रोशनी की चमक और गति ने पूरी तरह से भ्रम पैदा कर दिया था।

जांच में सामने आया कि यह काम दो कबूतरबाजों का था, जो लाइट लगे कबूतर को विशेष रूप से प्रशिक्षित करके उन्हें रात में उड़ाते थे। उनके पंजों में छोटी-छोटी LED लाइट्स बांधी जाती थीं, जिससे दूर से देखने पर वे एक उड़ते हुए ड्रोन जैसे प्रतीत होते थे। ऐसा करना उनका शौक था या इसके पीछे कोई और मकसद था — इस सवाल की गहराई से जांच की जा रही है।


इलाके में फैली अफरातफरी:

इस हरकत से न सिर्फ स्थानीय लोग भ्रमित हुए बल्कि पुलिस को भी कई रातें परेशान होकर गश्त करनी पड़ी। कई लोगों ने अपने घरों की छतों से वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर शेयर किए, जिससे अफवाहें और भी तेजी से फैलने लगीं। कहीं इसे जासूसी बताया गया, तो कहीं इसे किसी असामाजिक तत्वों की गतिविधि से जोड़ा गया।






पुलिस की कार्रवाई:


पुलिस ने अब दोनों कबूतरबाजों की पहचान कर ली है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि वे ऐसा क्यों कर रहे थे। क्या ये केवल मनोरंजन था, या इसके पीछे कोई और मकसद छुपा था — इस पर छानबीन जारी है।

मुजफ्फरनगर की यह घटना भले ही हास्यप्रद लगे, लेकिन यह दर्शाती है कि कैसे आधुनिक तकनीक और भ्रम का इस्तेमाल कर पुलिस और समाज दोनों को गुमराह किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस सतर्क है और लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

Editorial

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