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संसद में सपा की दहाड़; प्रिया सरोज की मांग पर बौखलाए मंत्री
By EditorialPublished on
लोकसभा में मंगलवार को संसद का माहौल उस वक्त गरमा गया जब समाजवादी पार्टी की युवा सांसद प्रिया सरोज ने उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर तीखा विरोध दर्ज किया। उन्होंने सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा, मैं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5000 सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के निर्णय का विरोध करती हूं। प्रिया सरोज ने इस कदम को बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताया और कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षा व्यवस्था पर हमला है, बल्कि ग्रामीण और गरीब तबकों के साथ अन्याय भी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि शिक्षा जैसे मूल अधि
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संसद के मानसून सत्र 2025 के सातवें दिन यानी बुधवार, 30 जुलाई को लोकसभा में समाजवादी पार्टी की युवा सांसद प्रिया सरोज ने एक प्रभावशाली और जनहित से जुड़ा भाषण दिया। उन्होंने अपने संबोधन में दो अहम मुद्दों को उठाया — एक, उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बस सिटी रेलवे स्टेशन की दयनीय हालत और दूसरा, यूपी सरकार द्वारा 5000 सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने का फैसला।
रेल मंत्री से की सीधी मांग :
प्रिया सरोज ने अपने भाषण में लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से रेल मंत्री का ध्यान जौनपुर के बस सिटी रेलवे स्टेशन की ओर आकर्षित करते हुए कहा कि, "यह एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, जहां से हजारों यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं, लेकिन वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। न तो बैठने की सुविधा है, न साफ पानी, और न ही शौचालय जैसी जरूरतें पूरी की गई हैं।"
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि इस स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं को विकसित किया जाए, तो यात्रियों को न केवल राहत मिलेगी, बल्कि रेलवे को भी राजस्व में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने रेल मंत्रालय से जल्द से जल्द इस स्टेशन की हालत सुधारने की अपील की।
शिक्षा के अधिकार पर हमला - संविधान के 21ए आर्टिकल का उल्लंघन
अपने भाषण के दूसरे हिस्से में सपा सांसद प्रिया सरोज ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए 5000 सरकारी स्कूलों के विलय के निर्णय पर तीखी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "मैं इस निर्णय का कड़ा विरोध करती हूं। यह न केवल शिक्षा के अधिकार (Right to Education) के खिलाफ है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21A का भी गला घोटने जैसा है।"
महिलाओं की शिक्षा पर पड़ेगा गहरा असर :
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहले ही महिलाओं की शिक्षा दर कम है और इस निर्णय से स्थितियाँ और बिगड़ेंगी। लगभग 28 लाख बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है, और अब यह फैसला 2.5 लाख से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों की नौकरी को भी खतरे में डाल देगा।
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सदन में रखी यह मांग :
सांसद प्रिया सरोज ने केंद्र सरकार से यह मांग रखी कि वह उत्तर प्रदेश सरकार पर दबाव बनाकर इस निर्णय को वापस लेने के लिए कहे। उन्होंने कहा, "हमारे देश का भविष्य हमारे बच्चों की शिक्षा पर निर्भर करता है। अगर हम स्कूल ही बंद कर देंगे, तो हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं?"
युवा महिला सांसद की सशक्त आवाज बनी चर्चा का विषय :
प्रिया सरोज का यह बेबाक भाषण सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोगों ने उनकी स्पष्टता, जमीनी मुद्दों पर पकड़ और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग को सराहा है।

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