सपा कार्यकर्ताओं द्वारा मौलाना साजिद रशीदी के साथ हुई मारपीट ने सियासी माहौल गरमा दिया है। अब इस पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिलेश ने साफ शब्दों में कहा कि वह ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करते, लेकिन उनके बयान के कुछ अंशों ने नई बहस को जन्म दे दिया है। घटना के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष हमलावर हो गया है।


रशीदी पर हमले से गरमाई सियासत; सपा पर बढ़ा दबाव
उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित एक टीवी कार्यक्रम के दौरान मौलाना साजिद रशीदी पर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा हुए हमले ने सियासत को गरमा दिया है। इस घटना को लेकर अब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश ने कहा, "मैं चाहता हूं कि कोई भी हिंसा का साथ न दे।"
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें सपा कार्यकर्ता मौलाना रशीदी के साथ मारपीट करते हुए नज़र आ रहे हैं। इस मारपीट की वजह मौलाना द्वारा सपा सांसद डिंपल यादव को लेकर की गई "अभद्र टिप्पणी" बताई जा रही है।
क्या हुआ था नोएडा में ?
घटना मंगलवार को नोएडा में हुई जब सपा छात्र सभा के जिला अध्यक्ष मोहित नागर अपने साथियों के साथ एक टीवी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान मौलाना साजिद रशीदी से बहस हो गई, जिसके बाद विवाद ने उग्र रूप ले लिया और सपा कार्यकर्ताओं ने मौलाना की पिटाई कर दी।
मोहित नागर ने खुद सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो शेयर किया और दावा किया कि "मौलाना एक विशेष पार्टी के एजेंट हैं और उन्होंने डिंपल यादव पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर मौलाना माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मौलाना ने की पुलिस में शिकायत :
घटना के बाद मौलाना साजिद रशीदी ने नोएडा के सेक्टर-126 थाने में जाकर पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी भूपेंद्र बालियान ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है।
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बीजेपी का पलटवार, लखनऊ में लगे पोस्टर :
घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में भाजपा एमएलसी सुभाष यदुवंश की ओर से लगाए गए पोस्टरों में अखिलेश से सवाल पूछा गया है: "पत्नी के अपमान पर चुप रहने वाले प्रदेश की बहन-बेटियों की सुरक्षा कैसे करेंगे?" पोस्टर में अखिलेश यादव और मौलाना रशीदी की तस्वीरें लगाई गई हैं, जिससे विवाद और तेज़ हो गया है।
Akhilesh Yadav on Sajid Rashidi Attack बयान ने इस राजनीतिक घमासान को और गहरा कर दिया है। एक तरफ सपा कार्यकर्ताओं की हिंसात्मक प्रतिक्रिया, दूसरी ओर अखिलेश का संतुलित लेकिन सीमित बयान और तीसरी तरफ भाजपा का आक्रामक रुख यह मुद्दा आने वाले चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बन सकता है। अब देखना यह है कि पुलिस जांच किस दिशा में जाती है और सपा इस विवाद को कैसे संभालती है।
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