संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में बुधवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद रामजीलाल सुमन ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों, फैसलों और अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर कड़े सवाल खड़े किए। सपा सांसद ने यहां तक कह दिया कि मोदी सरकार ने देश को अमेरिका के हाथों "गिरवी" रख दिया है।
रामजीलाल सुमन ने अपने भाषण की शुरुआत पहलगांव आतंकी हमले का जिक्र करते हुए की, जहां निर्दोष यात्रियों की जान गई थी। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय सेना के साहस को सलाम किया। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकार की प्रतिक्रिया और फैसलों को "जनता की भावना के खिलाफ" करार दिया।
❝ ट्रंप का दबाव था, फिर भी क्यों चुप रहे प्रधानमंत्री? ❞
सपा सांसद ने दो टूक कहा कि सरकार का यह कहना कि "हम पर ट्रंप का कोई दबाव नहीं था", यह बात जनता को गले नहीं उतर रही। उन्होंने कहा कि 10 मई को युद्ध विराम हुआ और 12 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित किया, लेकिन उन्होंने ट्रंप के दावों का खंडन तक नहीं किया। “उन्हें उसी वक्त कहना चाहिए था कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोल रहे हैं,” – सुमन ने सवाल उठाया।
❝ देश की जनता चाहती थी आर-पार की लड़ाई ❞
रामजीलाल सुमन का कहना था कि सेना पूरी तरह मोर्चे पर डटी हुई थी और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार थी। लेकिन ऐसे वक्त में युद्ध विराम की घोषणा ने जनता का भरोसा तोड़ा। “इस ऑपरेशन सिंदूर में हमारी सेना विजयी हुई है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की सरकार नैतिक और राजनीतिक रूप से हार गई है,” – उन्होंने कहा।
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❝ आपने देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है ❞
सपा सांसद ने कहा कि जिस तरह से सरकार ने फैसले लिए, वह भारत की गरिमा के अनुरूप नहीं थे। “हिंदुस्तान की जनता कभी माफ नहीं करेगी। आपने अमेरिका के दबाव में आकर देश की प्रतिष्ठा गिरवी रख दी,” – उन्होंने आरोप लगाया।
रामजीलाल सुमन का बयान इस मानसून सत्र का अब तक का सबसे तीखा और विवादास्पद बयान माना जा रहा है। विपक्ष लगातार सरकार की विदेश नीति और ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की मंशा पर सवाल उठा रहा है। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों का जवाब आना अभी बाकी है।
Editorial

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