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IAS-IPS की ट्रेनिंग का गढ़; जानिए कहां होती है अफसरों की ग्रूमिंग
By EditorialPublished on
यूपीएससी परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाती है। इस परीक्षा को पास करने के बाद उम्मीदवार आईएएस, आईपीएस जैसी शीर्ष सेवाओं में चयनित होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन अफसरों की ट्रेनिंग कहां होती है? आइए जानते हैं उस खास जगह के बारे में, जहां देश के भावी प्रशासक और पुलिस अधिकारी तैयार किए जाते हैं।

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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन चुनिंदा लोग ही सफलता पाकर आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसे प्रतिष्ठित पदों पर पहुंच पाते हैं। परीक्षा पास करने के बाद कैंडिडेट्स की रैंक के आधार पर तय होता है कि वे किस सेवा में जाएंगे। लेकिन परीक्षा पास करने के बाद इन अफसरों की असली तैयारी ट्रेनिंग के दौरान होती है।
कहां होती है IAS और IPS की ट्रेनिंग ?
यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद सभी चयनित उम्मीदवारों को सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में भेजा जाता है। यहाँ सभी ऑल इंडिया सर्विसेज (IAS, IPS, IFS आदि) और सेंट्रल सर्विसेज ग्रुप-A के नए अधिकारियों का फाउंडेशन कोर्स कराया जाता है। यह कोर्स लगभग तीन महीने का होता है और इसमें सभी सेवाओं के प्रशिक्षु एक साथ ट्रेनिंग लेते हैं। इसके बाद ट्रेनिंग का रास्ता अलग-अलग हो जाता है। IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग आगे भी LBSNAA में ही होती है। IPS अधिकारियों को फाउंडेशन कोर्स के बाद हैदराबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) भेजा जाता है।
IPS की ट्रेनिंग कैसी होती है ?
- IPS अधिकारियों की ट्रेनिंग कुल चार हिस्सों में होती है:
- फाउंडेशन कोर्स – LBSNAA, मसूरी
- फेज 1 ट्रेनिंग – SVPNPA, हैदराबाद
- डिस्ट्रिक्ट प्रैक्टिकल ट्रेनिंग – अपने-अपने राज्यों में
- फेज 2 ट्रेनिंग – फिर से SVPNPA, हैदराबाद में
हैदराबाद की SVPNPA में IPS अधिकारियों को करीब 11 महीने की कठिन शारीरिक और मानसिक ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें फिजिकल फिटनेस, लॉ एंड ऑर्डर मैनेजमेंट, फायरिंग, ड्राइविंग, साइबर क्राइम और आतंकवाद जैसे विषयों की गहराई से ट्रेनिंग होती है।
LBSNAA में क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं ?
- LBSNAA में रहने और खाने का खर्च बहुत कम है
- सिंगल रूम का किराया: ₹350 प्रति माह
- डबल रूम में प्रति व्यक्ति किराया: ₹175 प्रति माह
- मेस का खर्चा: ₹10,000 के आसपास
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इसके अलावा प्रशिक्षुओं को हॉस्टल, जिम, लाइब्रेरी, खेल परिसर, साइकिलिंग ट्रैक, डॉक्टर और आईटी सेवाएं जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बन सकें।
क्या है इस ट्रेनिंग का महत्व ?
यही ट्रेनिंग इन युवाओं को जिम्मेदार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी बनाती है। यहीं से उनके जीवन की असली परीक्षा शुरू होती है, जहां वे देश के प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए तैयार होते हैं।

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