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डर के साए में जागी रात; भूकंप के तेज झटकों से मचा हड़कंप
By EditorialPublished on
एक बार फिर धरती हिली और लोगों में डर का माहौल बन गया। म्यांमार में आए भूकंप के झटकों ने कई इलाकों को हिला कर रख दिया। हालांकि राहत की बात ये रही कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। इससे पहले भी कई देशों में भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं, जिससे लोग सहमे हुए हैं।

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धरती एक बार फिर कांप उठी है। गुरुवार को म्यांमार में भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई और इसका केंद्र धरती से 10 किलोमीटर नीचे था। हालांकि राहत की बात यह रही कि अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।
अभी भी बनी है झटकों की आशंका :
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप के झटके 10 किलोमीटर की गहराई पर आए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे झटकों के बाद भी आफ्टरशॉक्स (छोटे झटके) आने की आशंका बनी रहती है, इसलिए लोग सतर्क रहें।
नेपाल और पाकिस्तान भी कांपे :
- म्यांमार से पहले इसी हफ्ते नेपाल और पाकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
- नेपाल: सोमवार को रिक्टर स्केल पर 3.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
- पाकिस्तान: रविवार तड़के 3:54 बजे 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। झटके इतने तेज थे कि लोग खुले मैदानों की तरफ भागे। भूकंप का केंद्र जमीन से 150 किलोमीटर नीचे था।
- अफगानिस्तान सहित अन्य देशों में भी पिछले कुछ दिनों में धरती हिल चुकी है। हालांकि, इन सभी जगहों से किसी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं आई है।
कैसे आता है भूकंप ?
धरती चार परतों से बनी होती है आंतरिक कोर, बाहरी कोर, मैंटल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैंटल मिलकर 'लिथोस्फेयर' बनाते हैं, जो कई हिस्सों में बटी हुई है और 'टेक्टोनिक प्लेट्स' के नाम से जानी जाती हैं। ये प्लेट्स लगातार अपनी जगह से हिलती-डुलती रहती हैं और जब इन प्लेट्स में टकराव या फिसलन होती है, तो धरती में कंपन होता है जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।
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फिलहाल राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी :
फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन भूकंप संभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ऐसे झटकों के बाद आमतौर पर कुछ घंटे या दिन तक आफ्टरशॉक्स आते रहते हैं, जो कभी-कभी नुकसानदायक भी हो सकते हैं।

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