नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर तनाव भले ही चरम पर हो, लेकिन खेल के मैदान में संबंधों की एक अलग तस्वीर सामने आ रही है। आने वाले एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट को लेकर भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी का विरोध नहीं करेगा।




नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर तनाव भले ही चरम पर हो, लेकिन खेल के मैदान में संबंधों की एक अलग तस्वीर सामने आ रही है। आने वाले एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट को लेकर भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी का विरोध नहीं करेगा।


खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ सूत्र ने गुरुवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि एशिया कप जैसे बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी भी टीम को शामिल होने से रोकने की नीति भारत सरकार की नहीं है। सूत्र ने कहा, “हम किसी बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी भी देश की टीम की भागीदारी के खिलाफ नहीं हैं। द्विपक्षीय सीरीज अलग मामला होता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी खेल भावना का हिस्सा है।”


एशिया कप 27 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगीर में

इस साल का हॉकी एशिया कप 27 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगीर में आयोजित किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान सहित कुल आठ टीमें भाग लेंगी। एशियाई महाद्वीप की शीर्ष हॉकी टीमों के लिए यह टूर्नामेंट बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए कई खिलाड़ी जूनियर और सीनियर वर्ल्ड कप के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे।

हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के चलते पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर संदेह बना हुआ था। लेकिन खेल मंत्रालय ने इस पर स्थिति स्पष्ट कर दी है कि जब तक यह बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट है, तब तक किसी टीम को बाहर करना भारत की नीति नहीं होगी।


द्विपक्षीय सीरीज और बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में अंतर

खेल मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि द्विपक्षीय मुकाबलों और बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में फर्क होता है। यदि कोई टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है और उसमें कई देशों की टीमें शामिल होती हैं, तो उसमें किसी भी टीम को बहिष्कृत करना खेल भावना के विपरीत होगा।

खेल मंत्रालय के सूत्र ने उदाहरण देते हुए कहा, “रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है, फिर भी दोनों टीमें बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में खेलती हैं। इसी तरह भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के बावजूद एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट जैसे आयोजनों में भागीदारी पर रोक लगाना उचित नहीं होगा।”

बीसीसीआई की अनुमति की जरूरत

हालांकि, यह पूछे जाने पर कि अगर भारत और पाकिस्तान की टीमें एशिया कप में आमने-सामने आती हैं, तो क्या सरकार इसकी अनुमति देगी? इस पर मंत्रालय का जवाब था कि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई संपर्क नहीं किया है। जब वे संपर्क करेंगे, तब स्थिति की समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा।


जूनियर विश्व कप में भी पाकिस्तान को अनुमति

एशिया कप के बाद, नवंबर-दिसंबर में होने वाले जूनियर हॉकी विश्व कप को लेकर भी चर्चा चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रतियोगिता में भी पाकिस्तान की टीम को भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। यानी आने वाले महीनों में भारत-पाकिस्तान की टीमें एक बार फिर खेल के मैदान पर आमने-सामने नजर आ सकती हैं।

Editorial

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