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RBI के पास पहुंची 67,000 करोड़ की अनक्लेम्ड डिपॉजिट
By EditorialPublished on
देश के बैंकों में वर्षों से पड़ी लावारिस रकम का बड़ा हिस्सा अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास पहुंच गया है। 30 जून 2025 तक की रिपोर्ट के अनुसार, बैंकों की अनक्लेम्ड डिपॉजिट राशि को डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर दिया गया है। अब सवाल उठ रहा है—क्या आपका पैसा भी इसमें शामिल है?
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देशभर के बैंकों में वर्षों से पड़ी ‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ यानी बिना दावा की गई रकम का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। 30 जून 2025 तक यह आंकड़ा 67,000 करोड़ रुपये पार कर चुका है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को संसद में जानकारी दी कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर दी गई है। अब सवाल उठता है—क्या आपका पैसा भी इनमें शामिल है?
SBI के पास सबसे ज्यादा लावारिस रकम :
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के मुताबिक, सरकारी बैंकों के पास बिना दावे वाली कुल जमा राशि का 87% यानी 58,330.26 करोड़ रुपये था। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का है, जिसने 19,329.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, जो कुल ‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ का 29% है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक ने 6,910.67 करोड़ रुपये, केनरा बैंक ने 6,278.14 करोड़ रुपये, और ICICI बैंक ने 2,063.45 करोड़ रुपये DEA फंड में स्थानांतरित किए।
क्या होती है ‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ ?
‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ का मतलब बैंक के ऐसे सेविंग्स या करंट अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट, आरडी, बैंक ड्राफ्ट, पे ऑर्डर या बैंकर्स चेक में जमा रकम से है, जिनमें पिछले 10 साल से कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ। ऐसे खातों को निष्क्रिय मानकर उनमें पड़ी राशि DEA फंड में ट्रांसफर कर दी जाती है। इसमें जमा राशि के साथ उस पर अर्जित ब्याज भी शामिल होता है।
क्या इन पैसों पर कर सकते हैं दावा ?
अच्छी खबर यह है कि DEA फंड में ट्रांसफर होने के बाद भी जमा राशि पर खाता धारक या वारिस दावा कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले संबंधित बैंक से संपर्क करना होगा। बैंक सभी दस्तावेजों की जांच करेगा और सही पाए जाने पर रकम वापस कर देगा। इस पैसे की भरपाई DEA फंड से की जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पर दावा करने की कोई समय सीमा नहीं है, यानी खाते के निष्क्रिय होने के वर्षों बाद भी आप अपना पैसा वापस पा सकते हैं।
कैसे बचें ‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ से ?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्राहकों को समय-समय पर अपने बैंक खातों में लेन-देन करते रहना चाहिए और ईमेल व मोबाइल नंबर जैसे KYC डिटेल्स अपडेट रखना चाहिए। ऐसा करने से खाता निष्क्रिय होने से बचता है और जमा रकम सुरक्षित रहती है।
क्यों बढ़ रहा है ‘अनक्लेम्ड डिपॉजिट’ ?
बैंकिंग सेक्टर में विशेषज्ञ मानते हैं कि खाताधारकों की जानकारी की कमी, पुराने खातों में ट्रांजैक्शन न होना और वारिसों के पास सही दस्तावेज न होने के कारण यह राशि बढ़ती जा रही है।
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RBI की चेतावनी :
भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर ग्राहकों को अपने खातों को सक्रिय रखने और अनक्लेम्ड डिपॉजिट को समय पर क्लेम करने की सलाह देता है। RBI की वेबसाइट पर एक UDAAN पोर्टल भी है जहां खाते का स्टेटस पता किया जा सकता है। Bank Unclaimed Deposit 2025 का आंकड़ा 67,000 करोड़ रुपये से पार होना एक गंभीर मुद्दा है। यदि आपने वर्षों से अपने बैंक खाते का उपयोग नहीं किया है, तो तुरंत बैंक से संपर्क कर अपनी जमा राशि की स्थिति जांच लें—कहीं आपका पैसा भी ‘DEA फंड’ में तो नहीं चला गया?

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