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मुंबई। तेरापंथ भवन कांदिवली में नमस्कार महामंत्र कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजन में मुनि मुकुल कुमार ने कहा कि नमस्कार महामंत्र की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि आगम मनीषी कहते हैं कि जो कर्म बंधन से मुक्त हो रहे हैं, वह सब नवकार के प्रभाव से ही सिद्ध, बुद्ध और मुक्ति पद को प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आचार्य कहते हैं कि जो जीवन का कायाकल्प कर देता है सब कुछ नवीन बना देता है उसे नवकार कहते हैं। नवकार मंत्र के प्रयोग के द्वारा हम जीवन में सुख शांति समृद्धि एवं अध्यात्म के नए क्षितिज उद्घाटित कर सकते हैं। कार्यशाला में 1200 साल पुराने नवकार मंत्र के दुर्लभ प्रयोग बताए गए। मुनि कुलदीप कुमार ने कहा कि जो व्यक्ति साधनाशील होता है वह अपने जीवन में कर्म मुक्ति की ओर अग्रसर हो जाता है। जैन परंपरा में भगवान महावीर साधना की उच्चतम स्थिति का उल्लेख किया है। उनका आचरण करते हुए विशिष्ट उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
इस वक्त अवसर पर तेरापंथी सभा मुंबई के अध्यक्ष माणक धींग़ मंत्री दिनेश सुतरिया निवर्तमान अध्यक्ष मदनलाल तातेड तुलसी महाप्रज्ञ फाउंडेशन अध्यक्ष मेघराज धाकड़ मंत्री प्यारचंद मेहता पूर्व अध्यक्ष अशोक तलेसरा के एल परमार सुरेंद्र कोठारी अर्जुनलाल चौधरी गणेश लाल कोठारी ज्ञानचंद भंडारी राजेंद्र दुग्गड भरत भंडारी सुरेश बापना दीपक डागलिया गणपत डागलिया सुरेश बापना कैलाश बापना हिम्मत हिरण अजय डांगी जगदीश उमरिया बाबूलाल समदरिया राजेंद्र मुनोत रतन सिंघवी सुरेश धोका राजेंद्र मुथा भावेश चोरड़िया इंद्रमल कच्छारा अनिल चोरड़िया हितेश छाजेड सुनील संचेती अशोक हिरण रौनक कोठारी मीठालाल धाकड़ अशोक कोठारी अभिषेक चपलोत सहित अन्य उपस्थित रहे।
Editorial

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