मथुरा (उत्तर प्रदेश), बरसाना: जहां एक ओर बरसाना की गलियों में भक्त राधा रानी की भक्ति में डूबे रहते हैं, वहीं रविवार को एक ऐसी घटना घटी जिसने श्रद्धा के इस पवित्र स्थल को कुछ देर के लिए जंग का मैदान बना दिया। मामला था दो लस्सी विक्रेताओं के बीच का, जो अपने-अपने ग्राहकों को दुकान तक खींचने की होड़ में इस कदर भिड़ गए कि मामला ला� ी-डंडों और कुल्हड़ों तक जा पहुंचा।


क्या है पूरा मामला?

यह घटना बरसाना के मुख्य मार्ग पर स्थित राधा रानी मंदिर के पास की है, जहां सैकड़ों श्रद्धालु रोज़ दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के बाहर लस्सी की कई दुकानें वर्षों से लगी हुई हैं। दो दुकानदार ? जो आमतौर पर एक-दूसरे को प्रतियोगी मानते हैं ? उस दिन कुछ ज्यादा ही 'प्रतिस्पर्धात्मक' हो गए। ग्राहकों को अपनी-अपनी दुकान पर बुलाने को लेकर कहा-सुनी शुरू हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई।

देखते ही देखते ला� ी, डंडे, ईंट और यहाँ तक कि कुल्हड़ भी हवा में उड़ने लगे। स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, शुरुआत केवल तानों और चिल्लाने से हुई थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में मामला हिंसा में बदल गया। कई श्रद्धालु जो वहाँ लस्सी पी रहे थे या दर्शन कर मंदिर से लौट रहे थे, इस हंगामे में फंस गए।


एक महिला श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल

इस झगड़े की सबसे दुखद बात ये रही कि एक महिला श्रद्धालु, जो वहाँ मौजूद थी, कुल्हड़ की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला अपने परिवार के साथ लस्सी पी रही थी, जब अचानक दोनों पक्षों के बीच झगड़ा शुरू हुआ।



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वीडियो वायरल ? सोशल मीडिया बना हंगामे का मंच

इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कुल्हड़ और डंडे एक-दूसरे पर फेंके जा रहे हैं। श्रद्धालु इधर-उधर भागते दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोगों ने लस्सी छोड़कर दौड़ लगाई, तो कुछ लस्सी हाथ में लेकर ही सुरक्षित जगह की तलाश में भागते नजर आए।

वीडियो वायरल होते ही इंटरनेट यूज़र्स ने इस पर चुटकी लेना शुरू कर दिया। एक यूज़र ने लिखा,
"बरसाना में अब लस्सी पीने से पहले हेलमेट पहनना ज़रूरी है!"

वहीं दूसरे ने कहा,
"चाट युद्ध के बाद अब आया लस्सी युद्ध का दौर!"


घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों दुकानदारों को हिरासत में लिया गया। स्थानीय थाने के एक अधिकारी ने बताया कि, ?दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है। जिस महिला को चोट आई है, उसके बयान के आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी।?

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि मंदिर परिसर के पास मौजूद दुकानों की व्यवस्था पर पुनः विचार किया जाएगा, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।



बरसाना के स्थानीय लोग इस घटना से बेहद आहत हैं। एक दुकानदार ने कहा, "हम यहां व्यापार करते हैं, लेकिन इस तरह की हरकतों से पूरे क्षेत्र की छवि खराब होती है।" एक श्रद्धालु ने नाराज़गी जताते हुए कहा, "हम दर्शन के लिए आते हैं, न कि लस्सी युद्ध देखने के लिए!"




बरसाना जैसे धार्मिक और पवित्र स्थल पर इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जहां राधा रानी की भक्ति में श्रद्धालु खोए रहते हैं, वहीं लस्सी को लेकर हुआ यह 'युद्ध' पूरे सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन से लेकर आम जनता तक अब यही सवाल कर रही है ? क्या व्यापारिक प्रतिस्पर्धा इस हद तक गिरनी चाहिए?

अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना से क्या सबक लेता है, और क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई सख्त कदम उ� ाया जाएगा। लेकिन तब तक, बरसाना के लोगों और श्रद्धालुओं के ज़ेहन में यही बात गूंज रही है:
"लस्सी तो पीने की होती है, फेंकने की नहीं!"

Editorial

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