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अमित शाह का खुलासा; पहलगाम हमले की गोलियां 100% मैच!
By EditorialPublished on
गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में बताया कि 22 मई से 22 जुलाई तक सेना, आईबी और सीआरपीएफ के जवान ऊंचाई वाले इलाकों में आतंकियों के सिग्नल ट्रैक कर रहे थे। 22 जुलाई को सुरक्षा बलों को सफलता मिली और आतंकियों को घेरकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
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संसद के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार (29 जुलाई 2025) को ऑपरेशन महादेव से जुड़ी अहम जानकारी दी। उन्होंने पुष्टि की कि श्रीनगर के दाचीगाम क्षेत्र में हाल ही में मारे गए तीनों आतंकवादी वही हैं जिन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या की थी। शाह ने कहा, “पहलगाम हमले का बदला ले लिया गया है, और भारतीय सेना ने पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को मार गिराया है।”
आतंकियों की पहचान कैसे हुई ?
अमित शाह ने बताया कि आतंकियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए 4 से 5 राउंड में गहन सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई। एनआईए ने उन चार लोगों को हिरासत में लिया था जिन्होंने आतंकियों को आश्रय दिया था, और उन्होंने पुष्टि की कि मारे गए आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थे। हालांकि, अंतिम निर्णय केवल गवाहों पर नहीं छोड़ा गया।
बैलेस्टिक जांच के तहत आतंकियों के पास से बरामद M-9 अमेरिकन राइफल और दो AK-47 राइफल्स को विशेष विमान से श्रीनगर से चंडीगढ़ भेजा गया। वहां इनसे रातभर फायरिंग कर खोखे तैयार किए गए और उनका मिलान पहलगाम हमले से मिले खोखों से किया गया। परिणाम चौंकाने वाला था—दोनों पूरी तरह मैच हुए।
सुबह 4:46 बजे वैज्ञानिकों ने अंतिम पुष्टि दी कि पहलगाम में चलाई गई गोलियां और आतंकियों के पास मिली गोलियां 100% एक जैसी थीं। छह वैज्ञानिकों की टीम ने क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट को प्रमाणित किया।
ऑपरेशन महादेव कैसे चला ?
अमित शाह के अनुसार, 22 मई को IB को ह्यूमन इंटेलिजेंस मिला था कि हमले में शामिल आतंकी श्रीनगर के महादेव पहाड़ी क्षेत्र में छिपे हैं। इसके बाद सेना, IB और CRPF ने आतंकियों का सिग्नल कैप्चर करने के लिए विशेष यंत्र विकसित किया। अगले 60 दिनों तक सुरक्षाबल ठंड में ऊंचाइयों पर घूमते रहे ताकि सही समय पर कार्रवाई हो सके।
आखिरकार 22 जुलाई को सफलता मिली जब आतंकियों के सटीक लोकेशन का पता चला। सेना की चार पैरा यूनिट, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन में भाग लिया। पांच मानव स्रोतों को तैनात कर आतंकियों को घेरने के बाद मुठभेड़ में उन्हें मार गिराया गया।
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विपक्ष के सवालों पर जवाब :
अमित शाह ने कहा कि “पहलगाम हमले के दोषियों को न्याय मिला है”, और सरकार आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है। विपक्ष लगातार हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा था, लेकिन शाह के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना ने न केवल हमले के जिम्मेदार आतंकियों की पहचान की बल्कि उन्हें मार गिराया।
अमित शाह ने संसद में बताया कि उनके पास बैलेस्टिक रिपोर्ट मौजूद है और छह वैज्ञानिकों की टीम ने लिखित में पुष्टि की है कि आतंकियों के पास से मिली गोलियां वही थीं जो पहलगाम हमले में इस्तेमाल हुईं। उन्होंने कहा, “इसमें किसी भी तरह का संदेह नहीं है, हमने अपने निर्दोष नागरिकों के खून का बदला लिया है।”

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