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'उदयपुर फाइल्स' भड़के अरशद मदनी; जाने विस्तार से
By EditorialPublished on
उदयपुर फाइल्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी पर गंभीर आरोप लगाए। मदनी ने दावा किया कि जानी पहले भी राजनेताओं को धमकाने और कश्मीरियों के खिलाफ सांप्रदायिक धमकियां देने जैसे मामलों में शामिल रहे हैं। उन्होंने अदालत में सवाल उठाया कि क्या हम दंगे करते हैं, देश के खिलाफ षड्यंत्र रचते हैं या पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के लिए काम करते हैं?
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उदयपुर फाइल्स फिल्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार (24 जुलाई) को सुनवाई के दौरान अरशद मदनी ने गंभीर आरोप लगाए। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कहा कि उदयपुर फाइल्स फिल्म मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश है। उनका कहना है कि फिल्म की कहानी, डायलॉग और चित्रण में हर मुस्लिम किरदार को षड्यंत्रकारी, दंगे करने वाला और देश विरोधी दिखाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म गैर-मुस्लिमों में मुसलमानों के प्रति दुर्भावना पैदा करेगी।
अरशद मदनी ने केंद्र सरकार द्वारा गठित समिति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि उदयपुर फाइल्स को रिलीज़ की अनुमति छह कट के बाद दी गई, जबकि समिति के कुछ सदस्य CBFC और भाजपा से जुड़े रहे हैं। उन्होंने इस समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और कहा कि केंद्र को ऐसी समिति को फिल्म की जांच की जिम्मेदारी नहीं देनी चाहिए थी।
याचिका में कहा गया है कि फिल्म भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान में बैठे आतंकियों से जोड़ने का प्रयास करती है और इसे ‘हेट स्पीच’ के रूप में प्रचारित किया गया है। अरशद मदनी का आरोप है कि उदयपुर फाइल्स फिल्म का अधिकांश हिस्सा कन्हैया लाल शर्मा की हत्या से संबंधित नहीं है, बल्कि मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है।
अरशद मदनी ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित जानी पहले भी विवादित और सांप्रदायिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं — जिनमें मायावती की प्रतिमा तोड़ना, शिवसेना कार्यालय में तोड़फोड़, नेताओं को धमकाना और कश्मीरियों के खिलाफ बयानबाजी करना शामिल है।
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सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बागची ने कहा कि समिति की नियुक्तियों को चुनौती नहीं दी जा सकती और सरकार को सलाहकार समिति गठित करने का अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए तय की है और संभावना जताई कि यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट को वापस भेजा जा सकता है। उदयपुर फाइल्स को लेकर देशभर में बहस छिड़ी है और अरशद मदनी के आरोपों ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।

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