रात के अंधेरे में छोड़ गई अपनों की परछाई, वृद्धा ने तड़पते हुए तोड़ा दम...
रामनगरी अयोध्या, जहां हर कोना धार्मिक आस्था और संस्कृति की महक से सराबोर रहता है, वहीं से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। संवेदनहीनता की सारी हदें पार करते हुए, एक बुजुर्ग महिला को उसके ही परिजनों ने रात के अंधेरे में ई-रिक्शा से सड़क किनारे उतारकर बेसहारा छोड़ दिया। यह दिल दहला देने वाला पूरा दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।


अयोध्या, उत्तर प्रदेश | रामनगरी अयोध्या, जहां हर कोना धार्मिक आस्था और संस्कृति की महक से सराबोर रहता है, वहीं से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। संवेदनहीनता की सारी हदें पार करते हुए, एक बुजुर्ग महिला को उसके ही परिजनों ने रात के अंधेरे में ई-रिक्शा से सड़क किनारे उतारकर बेसहारा छोड़ दिया। यह दिल दहला देने वाला पूरा दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।
कहां की है यह घटना?
यह घटना अयोध्या के किशुन दासपुर क्षेत्र की बताई जा रही है। देर रात एक ई-रिक्शा वहां पहुंचता है, जिसमें एक वृद्ध महिला बै� ी होती है। कुछ क्षणों के भीतर ई-रिक्शा रुकता है, और महिला को सड़क किनारे उतारकर छोड़ दिया जाता है। इसके बाद परिजन ई-रिक्शा लेकर चुपचाप वहां से चले जाते हैं।
CCTV फुटेज में कैद हुई बेरहमी
स्थानीय लोगों द्वारा क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आने के बाद इस अमानवीय कृत्य की पुष्टि हुई। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि महिला चलने में असमर्थ थी और उसे सहारा देकर भी नहीं उतारा गया, बल्कि उसे जमीन पर बै� ा छोड़ दिया गया।
स्थानीय लोगों ने दी मदद
सुबह होते ही जब राहगीरों और स्थानीय निवासियों ने बुजुर्ग महिला को सड़क किनारे बेहोशी की हालत में देखा, तो तत्काल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान वृद्धा ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, महिला की शरीर में कमजोरी, भूख और अनदेखी बीमारी के लक्षण थे।
कौन थी महिला, और क्यों छोड़ा गया?
प्रशासन द्वारा की जा रही प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि महिला को छोड़ने वाले लोग उसके अपने रिश्तेदार थे। आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग महिला की बिगड़ती सेहत और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी से बचने के लिए उसे सड़क पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है, और जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
घटना के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जनता का आक्रोश फूट पड़ा। लोग इस घटना को “रिश्तों की हत्या” और “मानवता के पतन” की संज्ञा दे रहे हैं। कई संग� नों ने सरकार से वरिष्� नागरिकों के लिए बेहतर देखभाल नीतियों की मांग की है।
मानवता पर सवाल
जहां एक ओर अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है और रामराज्य की परिकल्पना की जाती है, वहीं दूसरी ओर एक मां जैसी वृद्ध महिला को सड़क पर बेसहारा छोड़ देना उस सपने पर गहरा धब्बा है। यह घटना केवल एक समाचार नहीं, बल्कि समाज के उन स्याह कोनों की याद दिलाती है जहां अपने ही अपनों से मुंह मोड़ लेते हैं।

